छत्तीसगढ़

बिना कार्य ठेकेदार को भुगतान….शासन द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष से वापस लिया वित्तीय अधिकार

रायपुर

बिना निर्माण कार्य कराए ठेकेदार को 13 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किए जाने के मामले में गड़बड़ी पाए जाने पर शासन द्वारा नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष संतूलाल सोनकर से वित्तीय शक्तियों को वापस ले लिया गया है।

गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद मुंगेली अंतर्गत परमहंस वार्ड में श्री होरीलाल शर्मा के घर से गार्डन की बाउण्ड्रीवाल होते हुए स्टेडियम तक 300 मीटर नाली निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया, तथा मेसर्स सोफिया कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा को बिना कार्य कराए, उक्त कार्य हेतु राशि 13,21,818 रुपए का भुगतान कर दिया गया था। जांच के उपरांत मौके पर निर्माण कार्य नहीं होना पाया गया। यहा पूर्व में निर्मित नाली ही बनी पाई गई। इस मामले में राज्य शासन द्वारा नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष श्री संतूलाल सोनकर से नगर पालिका अधिनियम 1961 अंतर्गत नगर पालिका लेखा नियम 1971 के नियम 90 (2) (दो) में प्रदत्त वित्तीय शक्तियों को वापस ले लिया गया है।

पूर्व में प्रकरण के संज्ञान में आते ही नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने इसे गंभीरता से लिया था और उनके निर्देश पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विकास पाटले, उप अभियंता श्री जोयस तिग्गा, लेखापाल श्री आनंद निषाद, सहायक राजस्व निरीक्षक श्री सियाराम साहू को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। इस मामले में नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष श्री संतूलाल सोनकर को कारण बताओं सूचना जारी करने के साथ ही सम्पूर्ण प्रकरण की जांच और दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए थे।

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