कोरबा

गुलमोहर पेड़ों से पत्ते हुए गायब….सेमी लूपर कीट का प्रकोप

कोरबा

सड़क किनारे लगे पेड़ों में कीट प्रकोप के कारण पतझड़ जैसी दशा हो गई है। सेमी लूपर कीड़े के प्रकोप से शहर भर के गुलमोहर पेड़ों से पत्ते गायब हो चुके है। सफेद और काली धारी वाले कीड़े के प्रभाव से अन्य पेड़ पौधे भी प्रभावित हैं। पनपते हुए कीड़े शहर के सड़क किनारे लगे पेड़ों के अलावा उद्यान को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेमी लूपर कीट का प्रकोप बीते वर्ष भी देखा गया था। कृषि विज्ञान केंद्र के कीट रोग विशेषज्ञ एम एस उर्रे का कहना है कि कम तापमान और अनुकूल वातावरण के कारण कीट पनप रहे हैं।

धूप तेज होते ही कीड़े खुद नष्ट हो जाएंगे। पेड़ों को कीड़े से निजात दिलाने के लिए क्लोरो क्वारी फास नामक दवा की छिड़काव की जा सकती है। बहरहाल पेड़ों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई पहल नही की गई है। शहर में ज्यादातर जगहों में सड़क किनारे गुलमोहर के पेड़ लगे हैं। घंटाघर मार्ग, बुधवारी बायपास, पंप हाउस सहित विभिन्न जगहों में लगे गुलमोहर पेड़ों के पत्तो को कीड़े चट कर गए हैं। कालोनियों में लगे पेड़ों से गिरकर कीड़े घर आंगन में पहुंच रहे हैं। पनपते कीड़े से लोग हलकान हैं।

पेड़ के नीचे रखे दोपहिया अथवा चार पहिया वाहन में गिरकर ये कीड़े एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंच रहे हैं। अनुकूल वातावरण होने से ग्रामीण व उपनगरीय क्षेत्रो में दीपका, कटघोरा, बालको, पाली, ढेलवाडीह आदि जगहों के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुलमोहर के अलावा छोटे पौधों पर भी इसका असर है। धान की फसल पर भी इसका असर न हो इस बात से किसान चिंतित हैं। बहरहाल इस मामले में कीट रोग विशेषज्ञ का कहना है कि फसलो में यह कीड़ा नही पनपता। इस वजह से चिंता की बात नही है। इन दिनों धान में झुलसन नामक बीमारी फैल रही है। किसानों को चाहिये कि वे कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर निदान के लिये जानकारी लें।

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