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सीलबंद आलमारी तोड़कर 60 सिम्स कर्मियों के निकाले गए दस्तावेज, एसआइटी ने तीन अलमारियों को किया था सील

बिलासपुर

सिम्स के हड़ताली कर्मचारियों के कागजात का अवलोकन किया जा रहा है। लेकिन, एसआइटी जांच के समय 316 कर्मियों में से 60 के दस्तावेज को तीन आलमारी में रखकर सील कर दिया गया था। ऐसे में इन दस्तावेजों की जांच होना जरूरी है। ऐसे में सिम्स प्रबंधन ने आलमारी का सील तोड़ने की अनुमति मांगी थी। वहीं अनुमति मिलने के बाद पांच अधिकारियों की मौजूदगी में आलमारी का सील तोड़ते हुए जांच के लिए दस्तावेज निकाले गए हैं। अभी तक 256 कर्मियों के दस्तावेज की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें कुछ कर्मचारियों के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाया गया है। दस्तावेज की जांच प्रभारी डॉ. बीपी सिंह व उनकी टीम है। वहीं अब 60 कर्मियों के दस्तावेजों की जांच नहीं हो पा रही थी, क्योंकि इनके दस्तावेजों को एसआइटी की टीम ने तीन आलमारियों में सील कर दिया था। ऐसे में जांच में दिक्कत हो रही थी। इसे देखते हुए डीन डॉ. तृप्ति नगरिया ने शासन से सील तोड़ने की अनुमति मांगी थी। वहीं अनुमति मिलने के बाद मंगलवार की सुबह डॉ. ए. बेन के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने आलमारी को तोड़कर दस्तावेजों को निकाला है। अब इन दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद कितने कर्मचारी पात्र हैं और कितने के फर्जी दस्तावेज हैं, इसे शासन को सौंपकर पात्र कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाएगा। सिम्स के 316 कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सवा महीने से आंदोलन कर रहे हैं। इससे सिम्स की चिकित्सा सुविधा चरमरा गई है। लेकिन, इन कर्मचारियों की भर्ती 2013-14 में हुई थी। बाद में इस भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आया। इसमें अपात्रों की नियुक्ति किए जाने की वजह से एसआइटी जांच हुई। अब इन्हीं कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है, ऐसे में सभी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जो पात्र रहेगा उन्हें नियमतीकरण का लाभ दिया जाएगा और अपात्र को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

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