छत्तीसगढ़

किशोरी को दो साल बाद मिला न्याय: दुष्कर्मी को आजीवन कारावास, अदालत ने विशेष टिप्पणी कर कही ये बात….

दुर्ग। नाबालिग लड़की से दोस्ती कर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) सरिदा दास की अदालत ने ऐसे अपराध को जघन्य अपराध बताया है। अदालत ने विशेष टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर है और सामाजिक व मानवीय पहलुओं को देखते हुए अत्यंत शर्मनाक भी है। इस परिस्थिति में अभियुक्त के प्रति नरम रुख अपनाना उचित नहीं होगा। इतना ही नहीं न्यायालय ने इस मामले में पीड़ित किशोरी के पुनर्वास के लिए शासन से 4 लाख रुपए की प्रतिकर राशि दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है। लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने बताया कि विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को दुष्कर्म पीड़िता को न्याय देते हुए फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त 20 वर्षीय मधुसूदन नायक उर्फ सेम मोरसन को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास व 2000 रुपए अर्थदंड, धारा 376 के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। आरोपी को पुलिस ने 25 जनवरी 2018 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। उसके बाद से वह फैसला सुनाए जाने तक जेल में ही निरुद्ध है। क्या है पूरा मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी का अचानक जनवरी 2018 में तबीयत बिगड़ गई थी। इस पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टर ने बताया कि किशोरी गर्भ से है। परिजनों के पूछने पर किशोरी ने बताया कि 2 माह पहले 11 नवंबर 2017 की शाम वह अपनी सहेली के साथ अपने फेसबुक मित्र मधुसूदन नायक उर्फ सेम मोरसन से मिलने उसके घर गई थी। वहां सेम ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया था। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और 23 जनवरी 2018 को शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने 376 व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज आरोपी को गिरफ्तार किया था।

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