छत्तीसगढ़

42 हाथियों ने जमकर मचाया उत्पात, 7 मकान तोड़े, कई किसानों की फसलें चौपट कीं

पेंड्रा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) में सोमवार सुबह से हाथियों का उत्पात जारी है। मरवाही वन मंडल के गांवों में पहुंचे 42 हाथियों के दल ने लोगों के मकान तोड़ डाले हैं। कई किसानों की फसलों को चौपट कर दिया है। सुबह स्कूल जा रही लड़कियों के सामने अचानक से हाथियों का दल आ गया। उन्होंने भागकर जान बचाई।  इसके बाद से गांव में दहशत है। इस दौरान सुबह स्कूल जा रही छात्राओं के सामने सड़क पर अचानक से हाथियों का दल आ गया। उन्हें सामने से सड़क पार करते देख छात्राएं डर गईं और भागने लगीं। इस दौरान वहां पहुंची हाथी मित्र दल और वन विभाग की टीम ने छात्राओं को रोक दिया। हाथियों के निकलने के बाद उन्हें आगे जाने दिया गया। इस दौरान उनसे शांत रहने को कहा गया। टीम ने ग्राम नाका के वन मार्ग को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। वन विभाग की टीम ने रास्ता बंद कर दिया है। हालांकि अभी भी हाथियों का दल गांव में डेरा डाले हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मरवाही वन क्षेत्र में तीन दिनों से मौजूद 42 हाथियों के दल ने अब उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। यह दल 28 नवंबर से खड़गंवा के रास्ते पहुंचा है। मगुरदा, गुल्लीडांड़ और जमुनाही गांवों के बाद अब हाथियों का दल मटियाडांड़ होते हुए नाका गांव तक पहुंच गया है। सोमवार को हाथियों ने सात ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। खेतों में लगी फसलों को भी रौंद दिया है। DFO संजय त्रिपाठी ने लोगों से हाथियों के समीप न जाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्र के गांवों के कच्चे मकान में रहने वाले लोगों को दूसरे गांव में शिफ्ट किया गया है। प्रभावितों को त्वरित मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 11 हाथियों का दूसरा दल कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज के जलके में डेरा डाले हुए हैं। इस दल ने भी वहां जमकर नुकसान पहुंचाया है।

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