छत्तीसगढ़

लड़की को ससुरालियों पर केस करना पड़ा महंगा, आरोपी महिला और उसके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का न्यायालय ने दिया आदेश

दुर्ग

समझौते के बाद बड़ी रकम लेकर फिर से दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराना लड़की पक्ष को भारी पड़ गया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे अपराध की श्रेणी में पाया। न्यायालय ने सभी सबूत और गवाहों को देखने के बाद आरोपी महिला और उसके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर धारा 383, 405, 406, 415, 418, 420, 120 बी, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। अधिवक्ता रविशंकर सिंह ने बताया कि दुर्ग शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी और सागर इंटरनेशनल होटल के मालिक विजय अग्रवाल और उनकी बेटी रूही अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सत्यम शिवम सुन्दरम प्लाट नंबर 70 जी निवासी विजय अग्रवाल की बेटी रूही की शादी दीपक नगर दुर्ग सड़क नंबर 3 निवासी उद्योगपति सुनील अग्रवाल के पुत्र निमिश अग्रवाल के साथ हुई थी। शादी के कुछ साल बाद रूही और निमिश में नहीं पटी। इसके बाद रूही ने अपने पति और ससूराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस लगा दिया था। केस दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों में आपसी राजीनामा हुआ। इसके एवज में निमिश अग्रवाल ने रूही को 3 करोड़ 5 लाख रुपए दिए थे। मामला खत्म होने के कुछ समय बाद विजय अग्रवाल ने समझौते को नहीं माना। इसके बाद निमिश ने दुर्ग जिला न्यायालय की प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकिता गुप्ता की अदालत में गुहार लगाई। अधिवक्ता रविशंकर सिंह ने वर पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए न्यायालय में इकरारनामा सहित लेनदेन का पूरा सबूत पेश किया और बताया कि कन्या पक्ष द्वारा जबरदस्ती वर पक्ष को प्रताड़ित किया जा रहा है। सभी सबूतों के आधार पर न्यायालय ने रूही अग्रवाल और उसके पिता विजय अग्रवाल के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। न्यायालय ने नोटिस भेजकर 3 दिन के भीतर रूही और विजय अग्रवाल को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज कर लिया गया है। वहीं दोनों पिता-पुत्री को 20 मई को न्यायालय में उपस्थित होना पड़ेगा। अधिवक्ता रवि शंकर ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों में आपसी समझौते के बाद इकरारनामा हुआ था। इसके मुताबिक रूही अग्रवाल अपने ससूराल वालों से 3 करोड़ 5 लाख रूपए लिए थे। रुपए लेने के साथ ही समझौता हुआ था कि अब रूही की तरफ से पुलिस थाना, न्यायालय या किसी अन्य सक्षम अधिकारी के समक्ष कोई दावा, बाद या शिकायत प्रस्तुत नहीं की जाएगी। न्यायालय में जमानत आवेदन का विरोध नहीं करेंगे और पूर्ण सहयोग करेगी। रूही अग्रवाल ने प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के समक्ष यह शपथपत्र प्रस्तुत किया था।

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