बिलासपुर

बिलासपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल समारोह में राज्य कैंसर संस्थान का किया भूमिपूजन

रायपुर/बिलासपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को बिलासपुर के राज्य कैंसर संस्थान का भूमि पूजन किया। इसकी घोषणा 2014 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद ने की थी। 2015 में केंद्र सरकार ने इसकी स्थापना को मंजूरी दे दी। लेकिन सात सालों में इसपर रत्ती भर भी काम नहीं हुआ था। इस दौरान भाजपा सरकार का एक पूरा कार्यकाल और कांग्रेस सरकार के तीन साल हो चुके। अधिकारियों ने बताया, बिलासपुर के कोनी में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ठीक बगल में 1.44 एकड़ भूमि पर राज्य कैंसर संस्थान का निर्माण होना है। प्रस्तावित संस्थान पर 120 करोड़ रुपए का खर्च आना है। इसका 60% हिस्सा केंद्र सरकार को देना है वहीं 40% रकम राज्य सरकार को लगानी है। केंद्र सरकार ने अपने हिस्से का 75% यानी 51 करोड़ रुपया 2020 में ही जारी कर दिया था, लेकिन विभिन्न वजहों से राज्य सरकार अपने अंशदान का करीब 46 करोड़ रुपया जोड़कर काम शुरू नहीं कर पाई। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि अगर राज्य सरकार इसका काम शुरू नहीं करती है तो यह संस्थान अरुणाचल प्रदेश को दे दिया जाएगा।

अब राज्य सरकार ने इस संस्थान को प्राथमिकता में रखा है। 18 मई को ही इसके लिए 34 करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम हाउस से एक वर्चुअल समारोह में संस्थान की इमारत के लिए भूमिपूजन किया। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, यह महत्वपूर्ण काम हो गया है। अब इसे जल्दी से पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सरकार के जनहितकारी कामों में आज एक नया अध्याय जुड़ा है। यहां बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अंबिकापुर से और प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरबा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजन से जुड़े। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया, राज्य कैंसर संस्थान में 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक कैंसर वार्ड होगा। वहीं 20 बिस्तरों का आईसीयू वार्ड भी मौजूद होगा। यहां सभी प्रकार की कीमोथेरेपी मरीजाें को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। कैंसर से संबंधित सभी तरह के जांच की सुविधा भी इस संस्थान में ही उपलब्ध होगी। यह एक अनुसंधान केंद्र भी होगा। प्रमुख सचिव मनिंदर कौन द्विवेदी ने बताया, 120 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस संस्थान की निर्माण एजेंसी CGMSC है। इसे अगले वित्तीय वर्ष में पूरा कर संचालन शुरू कर दिए जाने का लक्ष्य तय हुआ है। बताया गया, इसके भवन निर्माण पर 34 करोड़ 50 लाख रुपए का खर्च आना है। वहीं उपकरणों पर 80 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च होगा।

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