छत्तीसगढ़

ढाबे पर 200 से ज्यादा उपद्रव ने की जमकर तोड़फोड़, संचालक और उसके भाई पर धारदार हथियार से वार

राजनांदगांव

रविवार सुबह जमकर बवाल हुआ। उपद्रवियों ने एक ढाबे पर हमला कर दिया। जमकर ईंट-पत्थर फेंके गए। वहां रखी कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ डाला। उपद्रवियों ने ढाबा संचालक और उसके भाई पर धारदार हथियार से भी वार किया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। खास बात यह है कि शहर में उपद्रव होता रहा और पुलिस को पता तक नहीं चला। अब फोर्स तैनात है। अभी FIR दर्ज नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव-दुर्ग नेशनल हाईवे पर दीपक यादव का ‘हमारा ढाबा’ के नाम से ढाबा संचालित होता है। सुबह करीब 5.30 बजे 15-20 युवक ढाबे पर चाय पीने के लिए पहुंचे थे। चाय पीने के बाद जब बिल दिया गया तो युवक भड़क गए। ढाबा संचालक से ज्यादा रुपए लेने की बात कहते हुए विवाद शुरू हो गया। ढाबा संचालक दीपक ने बिल सही होने की बात कही। इसके बाद युवक रुपए देकर चले गए और मामला शांत हो गया। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़-दो घंटे बाद 150 से 200 लोगों की भीड़ पहुंची और ढाबे पर हमला कर दिया। इससे पहले कि ढाबा संचालक दीपक और उसका भाई गौरव कुछ समझ पाते भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इतने सारे लोगों को एक साथ देख ढाबे में काम कर रहे कर्मचारियों के होश उड़ गए। वह जान बचाकर वहां से भाग निकले। इस दौरान लोगों ने संचालक दीपक और उसके भाई को पकड़ लिया। दोनों को जमकर पीटा और धारदार हथियार से वार किया। हमले की सूचना सोमानी थाना पुलिस को काफी देर बाद लगी। इस पर फोर्स को भेजा गया। हालांकि तब तक मामला शांत हो चुका था। दोनों भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ढाबे पर स्पेशल फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि शहर के नजदीक ही एक धार्मिक आयोजन में लोग शामिल होने के लिए आए थे। उन्हीं में से कुछ लोग चाय पीने गए। इसके बाद उपद्रवियों ने ढाबे पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस समझौते के प्रयास में लगी है। बताया जा रहा है कि ढाबा संचालक दीपक दुर्ग का रहने वाला है। उसका ढाबे का बड़ा कारोबार है। वहीं पर तीन-चार ढाबे संचालित होते हैं। उपद्रवी करीब एक घंटे तक ढाबे में तोड़फोड़ और हंगामा करते रहे, लेकिन पुलिस को पता ही नहीं चल सका। आसपास के लोगों ने सूचना दी, इसके बाद फोर्स पहुंची। तब तक उपद्रवी भाग चुके थे। वहां लगे CCTV से भी उपद्रवियों की पहचान नहीं की गई है। दूसरी ओर पुलिस के आला अधिकारी भी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

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