छत्तीसगढ़बिलासपुर

सिम्स बिलासपुर में हुआ सफल व्हिपल्‍स ऑपरेशन

सर्जरी डॉ. मृणाल शर्मा और डॉ. नीरज शेंडे ने किया सराहनीय कार्य

रतनपुर, बिलासपुर निवासी 46 साल के बहोरन पटेल दो सप्ताह से पेट में दर्द और पीलिया से ग्रसित थे। मरीज़ अपनी बीमारी के लिये सिम्स बिलासपुर पहुँचा जहां सर्जन डॉ. मृणाल शर्मा ने भर्ती कर इलाज किया और जाँच कर पता लगाया कि मरीज़ को पैंक्रियाज के हेड में ट्यूमर है।

भर्ती के दौरान मरीज़ का पीलिया वैक्सिंग और वेनिंग के तहत टोटल बिलीरूबिन में 15 mg/dl से 1.2 mg/dl का सुधार हो गया। तत्पश्चात डॉ. मृणाल शर्मा ने बिना विलंब किये मरीज़ को मेजर इलेक्टिव सर्जरी व्हिपल्‍स ऑपरेशन के लिए तैय्यार किया।

मरीज़ का व्हिपल्‍स ऑपरेशन (पैंक्रियाटिकोड्यूडेनेक्‍टमी) किया गया। ऑपरेशन में सी-लूप डुओडेनम के साथ, पैंक्रियाज़ के हेड में कैन्सर ट्यूमर, डिस्टल कॉमन बाइल डक्‍ट, गॉल ब्‍लैडर, लिम्फ़ नोड अथवा पेट के निचले हिस्से को साथ निकाला गया। सर्जरी जटिल था, ट्यूमर नज़दीकी प्रमुख ब्लड वेसल्स से सटा हुआ था । फिर पुनर्निर्माण के लिये तीन जेजुनल-लूप एनास्टोमोसिस (पैंक्रियाटिकोजेजुनोस्टॉमी, कोलेडोकोजेजूनोस्टोमी और गैस्ट्रोजेजूनोस्टोमी) किया गया।

सर्जरी में लिगासुर वेसल सीलिंग अल्ट्रासोनिक स्केलपेल सिस्टम का मैनोयूव्रे एवं विभिन्न स्टेप्स में प्रयोग किया गया । सारे एनास्टोमोसिस हैंड-सोइंग किया गया। इस पूरे ऑपरेशन में आठ घंटे समय लगे। सर्जरी डॉ. मृणाल शर्मा और डॉ. नीरज शेंडे ने किया। डॉ. कोमल देवांगन ने सर्जरी में असिस्ट किया।

जनरल एनेस्थीसिया डॉ. मिल्टन देबबर्मा ने दिया। डॉ. वंदिता मिश्रा ने एनेस्थीसिया में असिस्ट किया। स्टाफ़ नर्स मीना निराला ने अकेले पूरे केस में असिस्ट किया। ओ.टी. स्टाफ़ संतोष पाण्डेय ने भी सर्जरी में असिस्ट किया ।

पोस्ट-ऑपरेटिव मरीज़ स्थिर है, ऑपरेशन के छठवे दिन से खाना प्रारम्भ किया गया, मरीज़ ने चलना-फिरना चालू कर दिया है अथवा अब कुछ दिनो में उसका डिस्चार्ज प्लान किया जा रहा है। मरीज़ को नियमित फ़ॉलो-अप में रखा जायेगा।

डॉ. मृणाल शर्मा के प्रयास, सीम्स चिकित्सा अधीक्षक एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शेंडे के सहयोग से यह मेजर और जटिल व्हिपल्‍स ऑपरेशन को सफल कर इस रोग निदान में सराहनीय कार्य किया है।

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