छत्तीसगढ़

उफनते बुरगी नाले में नाव पलटने से बह गए 3 युवक, दो युवकों ने तैरकर खुद की बचाई जान

​​​​​​​कांकेर

प्रदेश में लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। लोग अपनी जान जोखिम में डाल उसे पार करने में लगे हैं। कांकेर में मंगलवार को उफनते नाले में नाव पलटने से 3 युवक बह गए। इनमें से दो युवकों ने किसी तरह से तैरकर अपनी जान बचाई। जबकि एक युवक का अभी तक पता नहीं चल सका है। कांकेर में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। पंखाजूर में बड़गांव-प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो चुका है। दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
कांकेर में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। पंखाजूर में बड़गांव-प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो चुका है। दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

पखांजूर क्षेत्र के छोठेबेठिया क्षेत्र के बुरगी गांव निवासी मिथुन कवाची (25) अपने दो अन्य साथियों के साथ बुरगी नाला पार कर मरबेड़ा गए हुए थे। वहां से लौटने के दौरान उनकी नाव उफनते नाले की तेज धार में फंसकर पलट गई। नाव में सवार दो युवकों ने तैरकर खुद को बचा लिया, लेकिन मिथुन कवाची तेज धार में बह गया। सूचना मिलने पर प्रशासन टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू टीम की मदद से उसकी तलाश की जा रही है।

कांकेर में लगातार बारिश का दौर जारी है। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। एक दिन पहले ही पंखाजूर में मकान की दीवार गिरने से पूरे परिवार की मौत हो गई थी। इनमें पति-पत्नी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं। कई गांव बारिश के चलते टापू बन गए हैं। उनका जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीम लगी है। इसके लिए नाव का भी सहारा लिया जा रहा है।

कांकेर में 1 जून से 15 अगस्त तक 997.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसमें सबसे ज्यादा पानी पखांजूर तहसील में 71.3 मिमी और सबसे कम 11.3 मिली मीटर चारामा तहसील क्षेत्र में बरसा है। 14 अगस्त की स्थिति में कांकेर में 15.9 मिमी, भानुप्रतापपुर में 16.5 मिमी, दुर्गूकोंदल में 15.7 मिमी, अंतागढ़ में 40 मिमी और नरहरपुर में 12.9 मिमी औसत बारिश रिकार्ड की गई है।

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