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ट्रंप के बिजनेस को न्यूयॉर्क में बैन करने की मांग, धोखाधड़ी केस में देना पड़ सकता है 20 अरब का जुर्माना

नई दिल्ली

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में ट्रायल शुरू हो गया है. इसके चलते वह सोमवार को न्यूयॉर्क की एक कोर्ट में पेश हुए. दरअसल, ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने रियल एस्टेट बिजनेस के बारे में झूठ बोलकर 100 मिलियन डॉलर से अधिक कमाई की है. उनके खिलाफ न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल ने ये मुकदमा दायर किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के दौरान अपने हिसाब से बैंक लोन और सस्ते बीमा प्रीमियम हासिल कर 2011 से 2021 तक अपनी संपत्ति को तेजी से बढ़ाया है.

अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स द्वारा पूर्व राष्ट्रपति पर कम से कम 250 मिलियन डॉलर का जुर्माना, उनके और उनके बेटों डोनाल्ड जूनियर और एरिक के खिलाफ न्यूयॉर्क में बिजनेस करने पर बैन और ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के खिलाफ रियल एस्टेट बिजनेस करने पर 5 साल के बैन की मांग की गई है.

ट्रंप ने केस को बताया स्कैम और राजनीतिक प्रतिशोध

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बता दें कि मैनहट्टन की कोर्ट में ट्रायल कई गवाहों की गवाही के बाद शुरू हुई है. इसमें राज्य के पहले गवाह के रूप में मजार्स यूएसए के पार्टनर और लंबे समय तक ट्रंप के बिजनेस के लिए अकाउंटेंट का काम करने वाले डोनाल्ड बेंडर भी शामिल हैं. सुनवाई शुरू होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा कि यह मामला एक स्कैम और एक दिखावा है. ये जेम्स द्वारा किया गया राजनीतिक प्रतिशोध है. वहीं उन्होंने लंच ब्रेक के दौरान लेटिटिया जेम्स को लोगों को न्ययॉर्क से बाहर निकालने वाली भ्रष्ट और भयानक बताया.

जज पर भी जमकर बरसे ट्रंप

इतना ही नहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने जज आर्थर एंगोरोन पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने जज को एक पक्षपाती डेमोक्रेट कहा और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने के लिए मामले का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. यहां ट्रंप बतौर रिपब्लिकन उम्मीदवार बड़ी बढ़त रखते हैं. ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “यह एक ऐसे जज हैं, जिन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. यह ऐसे जज हैं, जिन्हें कार्यालय से बाहर निकाल देना चाहिए.”

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ट्रंप पर लगाए गए ये आरोप

जेम्स ने ट्रंप पर मैनहट्टन में उनके ट्रंप टॉवर पेंटहाउस अपार्टमेंट, फ्लोरिडा में उनके मार-ए-लागो एस्टेट और अलग-अलग ऑफिस टावरों और गोल्फ क्लबों सहित संपत्ति को तेजी से बढ़ाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपनी संपत्ति को 2.2 बिलियन डॉलर तक बढ़ाया है.जेम्स के कार्यालय के एक वकील केविन वालेस ने अपने ऑपनिंग स्टेटमेंट में कहा, “यह हमेशा की तरह बिजनेस नहीं है और इस तरह साफ-सुथरी पार्टियां एक-दूसरे के साथ व्यवहार नहीं करती हैं. ये पीड़ित रहित अपराध नहीं हैं.

ट्रंप के वकील ने आरोपों को बताया गलत

वहीं ट्रंप के वकील क्रिस्टोफर किसे ने अपने शुरुआती बयान में कहा कि ट्रंप की वित्तीय स्थिति पूरी तरह से कानूनी थी. किसे ने कहा, “उन्होंने रियल एस्टेट निवेश के मामले में सही मायने में बहुत पैसा कमाया है. उनका धोखाधड़ी करने का कोई इरादा नहीं था. इसमें कोई अवैधता नहीं थी, कोई डिफ़ॉल्ट नहीं था, कोई उल्लंघन नहीं था, बैंकों पर कोई निर्भरता नहीं थी, कोई अनुचित लाभ नहीं था, और कोई पीड़ित नहीं थे.” एक अन्य वकील अलीना हब्बा ने अलग से जज एंगोरोन को बताया कि ट्रंप की संपत्ति “मोना लिसा संपत्तियां” थीं, जिन्हें अगर ट्रंप ने बेच दिया तो उन्हें प्रीमियम कीमतें मिल सकती हैं.

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कोर्ट में एंट्री करते ही ट्रंप ने कसा तंज

कोर्ट आते समय ट्रंप ने गहरे नीले रंग का सूट, चमकीले नीले रंग की टाई और उस पर अमेरिकी ध्वज की पिन पहनी हुई थी. जैसे ही कोर्ट में एंट्री ली, उन्होंने इस मामले को अब तक की सबसे बड़ी चुड़ैल के शिकार की अगली कड़ी बताया. वहीं जेम्स ने कहा कि उनका ऑफिस अपना मामला साबित करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, “कानून शक्तिशाली और नाजुक दोनों है.”कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सोचते हैं कि आपके पास कितना पैसा है, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

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