छत्तीसगढ़

जंगल में करंट से बाघ की मौत: वन विभाग ने महिला सरपंच समेत 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, घर से मिले नाखून-बाल, सभी भेजे गए जेल

सूरजपुर। गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से सटे सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेवटी जंगल में नर बाघ की करंट लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज मामले में ग्राम पंचायत परसडीहा (विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर) की महिला सरपंच सिसका कुजूर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से बाघ के नाखून, बाल और करंट प्रवाहित करने में उपयोग किया गया तार सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। गुरुवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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वन विभाग के अनुसार, 15 दिसंबर को रेवटी जंगल में बाघ का शव बरामद हुआ था। मौके पर ही बाघ के नाखून और बाल गायब पाए गए थे, जिससे शिकार की आशंका गहराई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ की मौत का कारण करंट लगना स्पष्ट हुआ। इसके बाद वन विभाग की विशेष टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की।

जांच के दौरान ग्राम पंचायत परसडीहा की सरपंच सिसका कुजूर की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर उसके घर से बाघ के नाखून और बाल बरामद किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। बरामदगी के बाद सरपंच को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में करंट प्रवाहित तार बिछाने और पूरे घटनाक्रम में सहयोग करने वाले अन्य पांच आरोपियों के नाम भी सामने आए।

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ये हैं गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में सरपंच सिसका कुजूर (35), दिनेश कुजूर पिता सहल कुजूर (31) निवासी ग्राम भैंसामुंडा, अभिषेक रोशन पिता बिरसू बड़ा (25), मिथलेश सिंह पिता बिफन सिंह (24) निवासी ग्राम कैलाशपुर, रामनाथ सिंह पिता जय सिंह (25) और भोला प्रसाद पिता पहलू राम (46) शामिल हैं।

जंगली सुअर के शिकार के लिए बिछाया था करंट, बाघ की हो गई मौत

वन विभाग ने बताया कि यह क्षेत्र सूरजपुर और बलरामपुर जिलों की सीमा से लगा हुआ है, जहां पूर्व में भी जंगली सुअर के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी अवैध तार की चपेट में आकर राष्ट्रीय पशु बाघ की मौत हो गई।

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वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघ की हत्या एक जघन्य अपराध है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मामले की आगे की विवेचना जारी है।

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