छत्तीसगढ़

पेंशनर्स को मिलेगा छठवें-सातवें वेतनमान का बकाया एरियर, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने पेंशनरों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर छठवें-सातवें वेतनमान का बकाया एरियर देने का आदेश दिया है. यह आदेश मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49 के तहत दिया गया है.

छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने 12 अगस्त 2021 को याचिका दायर की थी. उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था. शासन स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया.

See also  धान खरीदी में करोड़ों का घोटाला, किरीत, बिर्रा और कड़ारी केंद्रों में बड़ी अनियमितता, तीन उपार्जन केंद्रों में 7 कर्मचारियों पर FIR

कोर्ट ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि वित्तीय भुगतान को लेकर राज्यों के बीच सहमति की अनिवार्यता पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती. हाईकोर्ट ने डॉ. सुरेंद्र नारायण गुप्ता के मामले का हवाला देते हुए छठे और सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का मार्ग प्रशस्त किया.

See also  नौकरी के नाम पर मानव तस्करी का खुलासा : छत्तीसगढ़ की 35 युवतियां झारखंड में बंधक, बेटियों को सुरक्षित वापस लाने में जुटा प्रशासन

कोर्ट के फैसले के मुताबिक, एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर दिया जाएगा. यह एरियर 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि का होगा. वहीं, 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर मिलेगा, जो 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है.

See also  आरटीई एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त, 387 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं आने पर जताई नाराजगी, सरकार से मांगा पूरा ब्यौरा

Related Articles

Leave a Reply