जांजगीर-चांपा : बड़ा खुलासा! किरायेदार सत्यापन में पकड़ा गया ISI स्लीपर सेल का संदिग्ध

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण जिले जांजगीर-चांपा में एक ऐसा खुलासा हुआ है जो राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर गया है। एक साधारण किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस को मिला वो सबूत जिसने पूरे मामले को ISI के स्लीपर सेल तक जोड़ दिया। पंजाब के तरनतारन जिले का 23 वर्षीय सेवक सिंह (पिता: बलविंदर सिंह) अब जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासे थमने का नाम नहीं ले रहे।
अकलतरा थाना क्षेत्र के मिनीमाता चौक इलाके में किराए के मकान में रह रहा था सेवक सिंह। वह स्थानीय JSW या केएसके महानदी पावर प्लांट क्षेत्र में काम की तलाश में आया था और ठेकेदारी काम शुरू भी कर दिया। बाहरी तौर पर एक आम पावर प्लांट वर्कर नजर आता था, लेकिन पुलिस की नियमित किरायेदार सत्यापन ड्राइव ने उसका मुखौटा उघाड़ दिया। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर पड़ते ही पुलिस ने उसकी गहन जांच शुरू की।
सेवक सिंह के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले सबूत सामने आए। उसके फोन में पाकिस्तान, सऊदी अरब, मैक्सिको और अन्य विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप चैट्स, वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग्स और संपर्क मिले। सूत्रों के मुताबिक, वह संवेदनशील जगहों (पावर प्लांट, आसपास की लोकेशन्स), प्रमुख व्यक्तियों, वाहनों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी की वीडियो/डिटेल्स विदेशी हैंडलर्स को भेज रहा था। जांच एजेंसियों (स्थानीय पुलिस + IB) का मानना है कि यह पाकिस्तान समर्थित ISI नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। आरोपी पर देश-विरोधी गतिविधियों, संवेदनशील सूचनाएं शेयर करने और स्लीपर सेल नेटवर्क चलाने का संदेह है।
केवल संपर्क ही नहीं, बैंक खातों में भी बड़े-बड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल हो रही है। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ये पैसे कहां से आ रहे थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए हो रहा था। व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क बनाए रखने के सबूत भी जब्त किए गए हैं।
जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सेवक सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लग रहा। एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क, अन्य संपर्कों और संभावित साथियों की तलाश में जुटी हैं। पावर प्लांट जैसे संवेदनशील इलाके में घुसपैठ की कोशिश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चेतावनी है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस स्लीपर सेल को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने में लगी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। एक साधारण किरायेदार सत्यापन अभियान ने देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती साबित कर दी। लेकिन साथ ही ये चेतावनी भी दे गया कि दुश्मन अब आधुनिक तरीकों से काम कर रहा है। पुलिस की जांच जारी है।




