भीमा तालाब बचाओ अभियान: 500 लोगों ने निकाली रैली, DMF से एक करोड़ की मांग

कचहरी चौक से कलेक्ट्रेट तक गूंजा नारा, एक सप्ताह में मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
जांजगीर-चाम्पा। शहर की ऐतिहासिक धरोहर भीमा तालाब को बचाने के लिए बुधवार को शहर में बड़ा जनआंदोलन हुआ। भीमा तालाब बचाओ अभियान समिति के बैनर तले करीब 500 नगरवासियों ने कचहरी चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। रैली में विधायक व्यास कश्यप सहित कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और तालाब के जीर्णोद्धार के लिए DMF मद से एक करोड़ रुपये देने की मांग की।
समिति ने आरोप लगाया कि शहर की नालियों का गंदा पानी और मल-जल सीधे भीमा तालाब में छोड़ा जा रहा है, जिससे तालाब प्रदूषित हो गया है और पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। समिति ने शारदा चौक के पास मुख्य नाले को डायवर्ट कर गंदे पानी का प्रवेश तत्काल बंद करने, पानी की वैज्ञानिक जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और शुद्धिकरण की मांग की है।
समिति ने बताया कि वर्ष 2017-18 में DMF मद से करीब 6 करोड़ रुपये खर्च कर तालाब का सौंदर्याकरण किया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में वॉकिंग ट्रैक, बेंच, लाइटें सब खराब हो रही हैं। ज्ञापन में नियमित सफाई, जलकुंभी-सिल्ट हटाने, स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति, लाइट मरम्मत, हरियाली और तालाब सीमा का सत्यापन कर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।
समिति ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।