रायपुर

खारुन नदी में नहाने गए 2 युवको की डूबने से मौत, 4 घंटे के रेसक्यू के बाद मिली एमआर की लाश

रायपुर

रायपुर की खारुन नदी से रविवार रात से साेमवार दोपहर तक दो युवकों की लाश बरामद की जा चुकी है। पहला मामला जमरांव इलाके का है। दूसरी घटना महादेव घाट के किनारे की है। दोनों ही प्रकरणों में दुर्ग जिले की अम्लेश्वर थाने की पुलिस जांच में जुटी है। ये इलाका रायपुर और दुर्ग जिले के बॉर्डर पर है। यहां गश्त, निगरानी और सुरक्षा के उपायों की कमी और लोगों की लापरवाही की वजह से पिछले एक महीने में 5 युवकों की जान जा चुकी है। खास बात ये है कि ये सभी मरने वाले दोस्तों के साथ यहां नहाने या बारिश के वक्त पिकनिक मनाने पहुंचे थे मगर जिंदगी गंवा बैठे। पहला मामला जमरांव इलाके का है। रविवार की रात पुलिस ने खबर मिलते ही डूबे हुए युवक को निकालने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब 45 मिनट की तलाशी के बाद अंधेरा अधिक होने की वजह से गोताखोर पानी से बाहर आ गए। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे अमलेश्वर पुलिस की टीम और गोताखोर फिर से नदी के किनारे पहुंचे। करीब 3 से 4 घंटे बाद लाश बरामद हुई। मृतक की पहचान उज्जवल ठाकुर के तौर पर हुई।उज्जवल पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करता था। वो चंगोराभाटा इलाके का रहने वाला है। संडे की शाम अपने 4 दोस्तों के साथ जमरांव में खारुन नदी के किनारे पहुंचा। सभी ने यहां कुछ वक्त के बिताया और इसके बाद नहाने के लिए नदी में उतरे। पानी के गहरे हिस्से में पहुंचते ही घबराकर 4 दोस्त पानी से बाहर आ गए मगर उज्जवल आंखों से ओझल हो चुका था। सुबह इसकी लाश मिली। महादेव घाट इलाके से सुबह नदी के किनारे पर विनोद नाम के युवक की लाश मिली। इसका शव पानी के बहाव से किनारे पर आ चुका था, जिसे पुलिस ने बाहर निकाला। विनोद के बारे में और कोई जानकारी अब तक सामने नहीं आई है पुलिस इसके घर वालों का पता लगा रही है।

See also  साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, होली से पहले किसानों के खाते में एकमुश्त आएगी अंतर की राशि, जाने अन्य निर्णय

नदी के किनारे पर सख्ती नहीं, मस्ती-सेल्फी के चक्कर में हो रही मौत

नगर निगम का जिम्मा है कि लोगों को नदी के किनारों पर खतरे के बोर्ड के जरिए जागरुक करे। महादेव घाट के मंदिर के पास एक बोर्ड लगा है। कुछ गोताखोर भी यहां रहते हैं। नदी के एनिकट और कुशाभाऊ ठाकरे युनिवर्सिटी वाले हिस्सों के पास इस तरह का कोई बंदोबस्त नहीं है। बीच-बीच में घटनाओं के बाद एक या दो दिन गश्त होती है, मगर वो भी दो से चार दिन बाद ठंडी पड़ जाती है। इन किनारों पर शनिवार, रविवार के दिनों में युवकों की टोलियों का जमावड़ा बढ़ जाता है। ये युवा मौज-मस्ती करते हैं। नदी में उतरकर सेल्फी लेते हैं और फिर हादसे की खबरें आती हैं।

See also  साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, होली से पहले किसानों के खाते में एकमुश्त आएगी अंतर की राशि, जाने अन्य निर्णय

दो थानों की सीमा के चक्कर में लोग परेशान

रविवार की शाम जब जमरांव इलाके में युवकों के डूबने की खबर आई तो जानकारी रायपुर की डीडी नगर पुलिस को दी गई। इस थाने से लोगों को जानकारी मिली कि ये इलाका रायपुर जिले में नहीं बल्कि दुर्ग के अमलेश्वर पुलिस थाने में आएगा। इस वजह से पुलिस की मदद मिलने में थोड़ा वक्त लगा। ये पहली बार नहीं है। चूंकि महादेव घाट से कुछ ही दूरी पर दुर्ग जिले की सीमा शुरू हो जाती है इसलिए यहां आए दिन ये विवाद होता रहता है।

See also  साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, होली से पहले किसानों के खाते में एकमुश्त आएगी अंतर की राशि, जाने अन्य निर्णय

Related Articles

Leave a Reply