शिक्षिकाओं ने छात्र को दी तालिबानी सजा : 100 बार उठक-बैठक कराने से अपंग हुआ स्टूडेंट, निजी अस्पताल में चल रहा इलाज

मोहला। छत्तीसगढ़ के अंबागढ़- चौकी के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में दो शिक्षिकाओं के द्वारा 10वीं कक्षा के एक छात्र को शारीरिक सज़ा दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दो शिक्षिका के द्वारा छात्र से सज़ा के तौर पर 100 बार उठक-बैठक कराई गई, जिसके बाद छात्र अपाहिज़ों की तरह बिस्तर में है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने छात्र को रायपुर रेफर किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र 10वीं कक्षा में अध्ययनरत है और उसकी बोर्ड परीक्षाएँ नज़दीक हैं होनहार छात्र शारीरिक दंड से अपाहिज हो गया है जो बिस्तर से खुद ब खुद नहीं उठ पा रहा है। घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार अंबागढ़ चौकी अंग्रेजी माध्यम आत्मानंद में जनवरी माह में किसी बात को लेकर दोनों शिक्षिका ने छात्र को दंडित करते हुए सौ बार स्कूल में उठक बैठक कराया।


डॉक्टरों ने रायपुर किया रेफर
सज़ा के बाद छात्र को चक्कर, कमजोरी और अन्य शारीरिक परेशानी होने लगी। छात्र की हालत बिगड़ते देख स्कूल से परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उसे तत्काल नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र अंबागढ़ चौकी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया है। फिलहाल छात्र का इलाज रायपुर के एक अस्पताल में जारी है।
परिजनों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि शिक्षकों ने अनुशासन के नाम पर अमानवीय व्यवहार किया, जिससे बच्चे की जान तक खतरे में पड़ गई है। परिजनों ने जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोनों दोषी शिक्षिका के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं यह घटना स्कूलों में छात्रों को दी जाने वाली शारीरिक सज़ा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेषकर तब जब छात्र बोर्ड परीक्षा जैसे मानसिक दबाव के दौर से गुजर रहे हों।
शिक्षिका पर लगा प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिक्षिका रुचि भागे, वर्षा प्रधान ने छात्र को किसी बात को लेकर क्लास रूम में 100 बार उठक- बैठक कराया। जिसके बाद छात्र अब उठ- बैठ नहीं पा रहा है। गरीब मां-बाप विगत एक माह से रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
नगर में बूट हाउस का संचालन कर रहे परिवार का एक होनहार छात्र अब कठोर शारीरिक दंड से आपहिजो की जिंदगी जी रहा है। घटना को लेकर बताया गया कि पिछले एक माह से छात्र शरीर की नस में तकलीफ बढने से उठ बैठ नहीं पा रहा है। रायपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसे सहारा देकर परिवार के अन्य सदस्य नित्य क्रिया करा रहे हैं।
बोर्ड परीक्षा के पहले ही बिगड़ी छात्र की तबियत
घटना को लेकर बताया गया कि दसवीं बोर्ड परीक्षा कुछ ही दिन शेष है इसी दौरान छात्र के साथ दंड के रूप में आत्मानंद स्कूल में हुए हैवानियत से छात्र बिस्तर पकड लिया है। माता- पिता इलाज के थपोले में पड़ गए अहुर छात्र शारीरिक दर्द में व्याकुल होकर पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। ऐसे में दसवीं बोर्ड परीक्षा की सफल तैयारी छात्र कैसे कर पाएगा।




