साय सरकार का बड़ा फैसला, रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले मिलेगी छुट्टी, सलीम राज ने की सराहना

रायपुर: रमज़ान के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पूर्व छुट्टी देने का आदेश साय सरकार ने दिया है. इस फैसले का छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्वागत किया है. उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है.
शासन का आदेश और उसकी पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ने यह आदेश जारी किया है. इसके मुताबिक रमज़ान माह के दौरान राज्य के शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालयों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को सरकार ने एक घंटे पहले छुट्टी की अनुमति दी है. इस आदेश के मुताबिक ऐसे कर्मचारियों को कार्यालय समय समाप्त होने से एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति रहेगी. यह व्यवस्था रमज़ान माह के प्रारंभ से लेकर उसके समापन तक प्रभावी रहेगी. शासन द्वारा जारी निर्देशों के पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. यह आदेश हर वर्ष रमज़ान माह में लागू किया जाता है, ताकि रोज़ा रखने वाले कर्मचारी अपने धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन सुगमता से कर सकें.

साय सरकार का फैसला (ETV BHARAT)
19 फरवरी 2026 से शुरू हुआ रमज़ान
मुस्लिम धर्म में सबसे पवित्र माने जाने वाला रमज़ान माह 19 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है. इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं और इबादत में समय व्यतीत करते हैं. प्रतिदिन रात में विशेष नमाज़ ‘तरावीह’ अदा की जाती है, जिसमें पवित्र कुरआन शरीफ का पाठ किया जाता है.रोज़ा के दौरान दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को इफ्तार किया जाता है, इसलिए समय से पूर्व कार्यालय से अवकाश मिलने से कर्मचारियों को धार्मिक कर्तव्यों के निर्वहन में सहूलियत मिलती है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी जाति, धर्म, पंथ और समाज की आस्थाओं का सम्मान किया जा रहा है. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को भी प्रतिबिंबित करता है- डॉ सलीम राज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड
सामाजिक समरसता की मिसाल
रमज़ान जैसे पाक अवसर पर शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि सामाजिक समरसता और सद्भाव का भी संदेश देता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार सभी वर्गों की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को संवेदनशील बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. रमज़ान माह के दौरान यह व्यवस्था लागू रहेगी, जिससे मुस्लिम कर्मचारियों को अपने धार्मिक कर्तव्यों और प्रशासनिक दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित करने में सुविधा मिलेगी.




