छत्तीसगढ़

कांकेर में धर्मपरिवर्तित महिला के शव दफनाने के बाद ग्रामीणों का विरोध, जमकर हुआ हंगामा

कांकेर

कांकेर में एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने महिला के शव को दूसरी जगह दफनाने की मांग की है. साथ ही आदिवासी समाज ने विरोध में चक्का जाम की चेतावनी दी है. गांव वालों का कहना है कि महिला ने 20 साल पहले हिन्दू धर्म त्यागकर ईसाई धर्म को अपना लिया था.

जानिए पूरा मामला: दरअसल, ये पूरा मामला कांकेर जिले के पंखाजूर थाना क्षेक्ष के मरोड़ा गांव का है. यहां एक महिला के शव को दफनाने के बाद गांव वालों ने विरोध किया है. ग्रामीणों का कहना है कि 20 साल पहले महिला ने हिन्दू धर्म को त्यागकर ईसाई धर्म को अपना लिया था. जब 7 मई को महिला की मौत हो गई थी, तब उसके परिजनों ने गांव वालों को बगैर जानकारी दिए चोरी-छुपे से शव को ईसाई धर्म के अनुसार गांव में ही दफना दिया.

See also  200 टन मलबे की प्रोसेसिंग से निकले 5 बेशकीमती हीरे, CM साय ने कहा- प्रदेश के विकास को मिलेगा नया आयाम

ग्रामीणों ने किया विरोध: इसकी जानकारी के बाद आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है. गांव के आदिवासी समाज शव को दूसरी जगह दफनाने की मांग कर रहे हैं. साथ ही समाज ने थाना और एसडीएम कार्यालय पहुंच कर अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो ये सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन करेंगे.

See also  8 लोगों की संदिग्ध मौतों का खुलासा, साइको किलर गिरफ्तार, इस वजह से जहर मिलाकर पिलाया था शराब

पहले भी हो चुका है विवाद: बता दें कि शव दफनाने को लेकर विवाद का ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी बस्तर के गांवों में ईसाई धर्म के मृत व्यक्तियों के शव दफनाने को लेकर विवाद होता रहता है. हाल ही में बस्तर के एक गांव में शव दफनाने को लेकर काफी बवाल हुआ था. बाद में कोर्ट के आदेश पर भारी सुरक्षा के बीच ईसाई धर्म के अनुसार युवक के शव को दफन किया गया था.

See also  बिलासपुर सेंट्रल जेल में मर्डर : मानसिक रोगी वार्ड में स्लैब से सिर कुचलकर उतारा मौत के घाट

मुझे फोन पर ग्रामीणों ने सूचना दी थी. मैंने आपसी सामंजस्य बनाने को कहा है.आदिवासी समाज की मांगों को उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया है. मृत महिला ईसाई धर्म अपना चुकी थी, जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैंं. -लक्ष्मण मंडावी, सरपंच, ग्रामपंचायत मरोड़ा

Related Articles

Leave a Reply