छत्तीसगढ़

जमा किए 31.99 लाख रुपए और खुद को बता दिया निर्विरोध सरपंच, खुलासा होते ही मचा हड़कंप

चुनावी आचार संहिता के बीच अजीब मामला सामने आया है. यहां बलौदाबाजार जिले की छाता ग्राम पंचायत में एक ही परिवार की दो महिला प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को निर्विरोध सरपंच बता दिया है. इसके बाद गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया है. इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से की गई है. अब इस मामले की जांच के लिए रिटर्निंग ऑफिसर करेंगे. 

ये है मामला 

शिकायत में बताया गया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद बलौदा बाजार जिले के सोनाखान तहसील क्षेत्र के ग्राम छाता में सरपंच पद की प्रत्याशी उमा नायक और सोहोद्रा बाई नायक ने एक समिति बनाई. समिति में 31.99 लाख रुपए जमा किए और खुद को निर्विरोध सरपंच घोषित कर दिया. इतना ही नहीं इसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया.

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जैसे ही गांव के और लोगों की नजर पड़ी हड़कंप मच गया. क्योंकि इन दोनों महिलाओं के अलावा दो और प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में है. बताया जा रहा है कि खुद को सरपंच घोषित करने वाली दोनों महिलाएं रिश्तेदार हैं. उमा नायक के पति परमानंद नायक को लोग बधाई भी दे रहे हैं.

लोगों का कहना है कि आज 6 फरवरी को नामांकन का आखिरी दिन है. दोनों ही महिलाओं में से किसी एक का नाम निरस्त हो जाता है तो दूसरी का नाम रहे इसलिए दोनों ही महिलाओं ने खुद को निर्विरोध घोषित कर लिया है. 

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जांच की मांग 

शिकायत के बाद उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल शेते ने मामले की जांच कराने की बात कही. शिकायतकर्ता सेत कुमार कैवर्त ने कहा कि ग्राम छाता में सरपंच पद के चार प्रत्याशी हैं, जिनमें से दो प्रत्याशियों ने राशि जमा कर खुद को सरपंच घोषित कर लिया है.सोशल मीडिया में इस बात की खबर को प्रसारित भी कर दिया है. इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जरूरत है क्योंकि अभी भी गांव में सरपंच पद के दो अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई 

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत करने पर उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया है.  इसलिए हम सब जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर शिकायत की है. शिकायतकर्ता के अधिवक्ता योगेन्द्र धृतलहरे ने कहा कि हमने उप जिला निर्वाचन अधिकारी के पास मामले की शिकायत की है उन्होंने आश्वासन दिया है की जांच और कार्यवाही होगी हम इससे संतुष्ट हैं.अगर कार्रवाई नहीं होती है तो हम न्यायालय जाएंगे. उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल शेते ने कहा कि शिकायत आई है रिटर्निंग ऑफिसर के माध्यम से मामले की जांच कराई जाएगी. सरपंच खुद को घोषित किया है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

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