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केजरीवाल से आमने-सामने नहीं मिल सकतीं पत्नी सुनीता, सांसद संजय सिंह ने तिहाड़ प्रशासन के आदेश पर उठाया सवाल

नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनकी पत्नी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पत्नी सुनीता केजरीवाल ने पति अरविंद से आमने-सामने मुलाकात की अनुमति मांगी थी लेकिन वगह नहीं मिली। दोनों को आदेश के मुताबिक खिड़की के माध्यम से ही मिलने की इजाजत है। संजय सिंह ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि यह कैसा अमानवीय व्यवहार है? संजय सिंह ने कहा कि जेल का नियम 602 और 605 ये कहता है कि किसी की भी मुलाकात आमने-सामने करवाई जा सकती है।

दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संजय सिंह ने कहा कि बहुत खतरनाक अपराधियों को भी उनकी बैरक में मुलाकात करने की अनुमति होती है, लेकिन दिल्ली के तीन बार के मुख्यमंत्री को अपनी पत्नी से बीच में शीशे से लगी खिड़की के जरिए मिलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसा अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

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केजरीवाल के नीचा दिखाने और हौसला तोड़ा जा रहा है
AAP नेता का कहना है कि जब सुनीता केजरीवाल ने अपने पति से मुलाकात के लिए आवेदन किया तो उन्हें बताया गया कि उनकी सिर्फ खिड़की के जरिए ही मुलाकात हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा दिल्ली के मुख्यमंत्री को नीचा दिखाने और उनका हौसला तोड़ने के लिए किया जा रहा है। संजय सिंह ने आगे दावा किया कि अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच भी आखिरी समय पर मुलाकात रद्द कर दी गई। मान और केजरीवाल को भी तिहाड़ जेल प्रशासन ने आमने-सामने मिलने नहीं दिया। हमें बताया गया है कि दोनों मुख्यमंत्रियों को भी खिड़की के जरिए ही मिलने की अनुमति दी गई है।

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केजरीवाल की गिरफ्तारी को संजय सिंह ने बताया गैरकानूनी
दिल्ली के मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के एक मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। यह मामला शराब नीति से जुड़ा है, जिसे अब रद्द कर दिया गया है. उनकी गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने शनिवार को इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को बदले की भावना से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी सिर्फ उन लोगों के बयानों के आधार पर की गई थी, जो पहले तो सह-आरोपी थे, लेकिन अब सरकारी गवाह बन गए हैं। उनकी गवाही में विरोधाभास भी है। AAP की याचिका में मांग की गई है कि मुख्यमंत्री को रिहा कर दिया जाए और उनकी गिरफ्तारी को रकानूनी घोषित की जाए।

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