छत्तीसगढ़

अब प्रदेश के प्राइमरी स्कूल के बच्चे पढ़ेंगे कहानियां

प्रत्येक स्तर पर 20 से 30 कहानियों की पुस्तकें रहेंगी उपलब्ध, कहानियां पढ़ने के साथ सुन भी सकेंगे

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य के सभी प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में पठन कौशल को विकसित करने के लिए अब शिक्षा विभाग एक नया प्रयोग करने जा रहा है। बच्चों को रोचक कहानियां पढ़ाई जाएंगी। बच्चों से कक्षा में कहानियों का वाचन भी कराया जाएगा, ताकि उनमें पढ़ने के साथ-साथ वाक्यों को समझने की क्षमता विकसित हो। इस कार्यक्रम की जानकारी वेबिनार के माध्यम से दी गई है, जो कि यू-ट्यूब में उपलब्ध है। विभाग की ओर से जिले में कितने शिक्षक और पालक इस कार्यक्रम का लाभ ले रहे हैं, इसकी ट्रेकिंग की व्यवस्था की जा रही है। छह पुस्तकों का सेट पढ़ने के बाद बच्चों की प्रगति की जांच के लिए प्रोग्रेस ट्रेकर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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कार्यक्रम में कहानियों को कक्षा पहली के लिए स्तर-एक और दो, कक्षा दूसरी के लिए स्तर- तीन एवं चार, कक्षा तीसरी के लिए स्तर- पांच एवं छह में वर्गीकृत किया गया है। एक स्तर की कहानियों को समझकर एक साथ पढ़ सकने स्थिति में अगले स्तर पर आगे बढ़ना होगा। प्रत्येक स्तर पर 20 से 30 कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। बच्चों को इन कहानियों को सुनने का अवसर भी मिलेगा। बच्चे कहानियों में लिखे वाक्यों को आवाज में सुन सकेंगे और साथ-साथ पढ़ने का अभ्यास भी कर सकेंगे। यह कार्य रीडएलोंग के माध्यम से हो सकेगा। प्रत्येक शब्द को चित्र के साथ हाइलाइट कर दिखाया और सुनाया जाएगा।

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कार्यक्रम की श्रृखंला में कुल 180 कहानियां उपलब्ध कराई जाएंगी। हर कहानी को कक्षा में सिखाने का अवसर देने के लिए शिक्षकों के लिए पाठ योजना और समझ की जांच के लिए वर्कशीट व प्रश्न आदि भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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