छत्तीसगढ़बिलासपुर

‘तुम्हारे मोबाइल से अश्लील वीडियो अपलोड हुआ है…’, ईडी के नाम पर रिटायर्ड अधिकारी से 54 लाख की ठगी

बिलासपुर। रिटायर्ड शासकीय कर्मचारी को डरा-धमका कर ऑनलाइन 54 लाख रुपए की ठगी करने वाले 3 शातिर अपराधियों को पुलिस टीम ने हरियाणा और राजस्थान से पकड़ा है। ठग वाटस ऐप के जरिए फर्जी सिम कार्ड व लोगों के बैंक अकाउंट का उपयोग धोखाधड़ी करते थे। ठगी की रकम को यूएसडीटी करेंसी में बदलकर राशि प्राप्त करते थे। मामला रेंज साइबर थाना बिलासपुर का है।

दरअसल अज्ञात आरोपियों ने अज्ञेय नहर निवासी 71 वर्षीय जयसिंह चन्देल से 24 जून 2024 को फोन कर ठगी की थी। आरोपियों ने पोर्नाग्राफी वीडियो अपलोड करने पर जुर्म दर्ज होने और मनीलॉड्रिंग के प्रकरण में खाता संलिप्त होने के नाम पर डराया धमकाया। ठगों ने अलग-अलग तारीखों में कुल 54,30,000/- रुपए की ऐंठे।

See also  राज्यसभा चुनाव 2026: छत्तीसगढ़ से बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को बनाया उम्मीदवार

पुलिस ने मामले की रिपोर्ट पर संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हांकित कर, एकाउंट स्टेटमेंट, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन तथा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। इसके आधार पर हरियाणा और राजस्थान में संदेहियों के प्रार्थी के साथ ठगी की घटना करने की जानकारी मिली। पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के लिए रवाना किया गया।

See also  जांजगीर-चांपा में होली पर हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था, तीन जापानी तकनीक वाले ड्रोन से संवेदनशील इलाकों की निगरानी, भीड़भाड़ व ट्रैफिक पर रहेगी पुलिस की हवाई नजर

विशेष टीम ने संदेहियों की लोकेशन पता की। टीम ने ठगों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।संदेही आरोपी विजय पिता ओमप्रकाश निवासी सिरसा (हरियाणा), अमित जालप पिता राजेन्द्र जालप उम्र 23 वर्ष शादुलशहर जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान) और निखिल पिता रमेशचंद्र सैनी उम्र 18 वर्ष निवासी श्रीगंगानगर (राजस्थान) को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया।

See also  नितिन नबीन जाएंगे राज्यसभा…बीजेपी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट – देखें किनके-किनके नाम पर लगी मुहर

पूछताछ में आरोपियों ने अपने आप को ईडी के अधिकारी बताकर, डरा धमका कर तथा झांसे में लेकर पीड़ित के साथ ठगी करने की बात स्वीकार की। ठगी की राशि को बायनेंस के माध्यम से यूएसडीटी करेंसी में बदलकर राशि को खर्च करना गया। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल जब्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) 3(5) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

Related Articles

Leave a Reply