छत्तीसगढ़बिलासपुर

पीएम आवास की राशि से किसी ने रचाई शादी, तो कोई भर रहा बाइक से फर्राटे, भेजा जाएगा नोटिस

बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासहींन जरूरतमंदों को पक्का घर देना है, लेकिन बिलासपुर जिले में योजना का राशि मिलने के बाद उसका दुरुपयोग शुरू कर दिया। वर्ष 2016 से 2013 के बीच जिले में 59.523 स्वकृति मिली। इनमें से 36 सौ आवास अब भी अपूर्ण हैं। आवास अपूर्ण होने का कारण जानने जब जिला पंचायत ने सर्वे कराया तब चौकाने वाली बाते सामने आई है। किसी ने आवास की राशि शादी में खर्च कर दी तो किसी ने बाइक खरीद ली। कुछ जरूरत से अधिक जमीन पर मकान बना बैठे और पैसे की कमी के चलते अधूरा छोड़ दिया।

See also  मिड डे मील बनाने वालों के बुझे चूल्हे,  2 की हुई मौत, सरकार ने 500 रुपए बढ़ाने का दिया भरोसा, संघ ने कहा, ''मरेंगे हटेंगे नहीं''

जब जिला पंचायत ने इन अपूर्ण आवासों की स्थिति का सर्वे कराया तो सामने आया कि कई लोगों मकान न बनाकर शादी में पैसे खर्च कर दिए। कुछ ने बाइक खरीदी तो कई जरूरत से ज्यादा जमीन में निर्माण शुरू कर रकम खत्म कर बैठें है। कुछ लोग रुपये मिलते ही दूसरे राज्यों में काम की तलाश में चले गए, जबकि कुछ की मृत्यु हो जाने से नामिनी तय नहीं हो पाया और किस्त अटक गई है।

See also  जांजगीर- चाम्पा जिले में ACB का एक्शन: नायब तहसीलदार और पटवारी 35 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जिला पंचायत अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभार्थियी ने आवास की राशि से शादी, वाहन या अना गैर-निर्माण गतिविधियों में खर्च किया है, उन्हें एसडीएम न्यायालय के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा। यदि फिर भी निर्माण नहीं हुआ तो वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

इन सभी की सूची तैयार कर जिला पंचायत अब जनपद पंचायतों के माध्यम से हितग्राहियों से संपर्क कर रही है। जिनकी मंशा मकान पूरा करने की है, उन्हें तकनीकी सहायता दी जा रही है। वहीं जिन लोगों ने राशि का जानबूझकर दुरुपयोग किया है, उन्हें नोटिस देकर कार्रवाई की तैयारी है।

See also  मार्च में प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव : रायपुर में जुटेंगे विभिन्न देशों में बसे छत्तीसगढ़ के रहवासी, NACHA के सहयोग से होगा आयोजन

प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि का दुरुपयोग केवल बिलासपुर में नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में किया जा रहा है, जिसे लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में है।

Related Articles

Leave a Reply