जांजगीर चांपा

जांजगीर: जनता की गाढ़ी कमाई से बनी संपत्तियों को बेचने का मेगा डिस्काउंट सेल चला रही है भाजपा – कांग्रेस

  • देश की विरासत को लुटाकर, चंद पूंजीपतियों को फायदा पंहुचाने का कांग्रेस ने लगाया आरोप

जांजगीर चांपा

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा देश के सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थाओं को एक एक करके बेचने का सिलसिला जारी है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनी संपत्तियों को बेचने का मेगा डिस्काउंट सेल चला रही है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चुन्नीलाल साहू ने कहा कि 12 वीं योजना काल के दौरान ढांचागत आधार में निवेश को 36 लाख करोड़ रुपए समग्रित पर आंका गया। यह जीडीपी का 5.8 प्रतिशत औसत है। वित्तीय वर्ष 2018 और 2019 में यह अनुमान 10 लाख करोड़ पर आ गया। यह आंकड़ा इस ओर ध्यान आकर्षित कराता है की आधारभूत ढांचे को पुनः खड़ा करने और उन्हें सहेजने व सवांरने के लिए किसी प्रकार का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इससे सिद्ध होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व उनके मंत्रिमंडल, भाजपा अपने कुछ पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने का मन बना लिया है। पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने कहा कि पिछले 70 साल के दौरान अभूतपूर्व मेहनत, बुद्धि, निवेश लगाया गया है। यह संपत्तियां देश की जनता की अमूल्य कमाई है, जिसे बेची जा रही है। एआईसीसी सदस्य मंजू सिंह ने कहा कि इसमें दूसरा प्रश्न एकाधिकार होने का बनता है। निजीकरण होने से बाजार में चुनिंदा कंपनियों की मनमर्जी कायम हो जाएगी। केंद्र सरकार यह भले ही हमेशा कहती रहेगी कि निगरानी के लिए उपाय हैं और उसके लिए नियामक हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के दाम में बेतहाशा बढ़ोत्तरी उनके एकाधिकार को प्रदर्शित करती है। सरकार के 12 मंत्रालयों के 20 परिसंपत्तियों का वर्गीकरण करते हुए इन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने के लिए चिन्हित किया गया है। पामगढ़ के छाया विधायक गोरेलाल बर्मन ने कहा कि इसी प्रकार से सांकेतिक मुद्रीकरण मूल्य सबसे कम मूल्य पर आंका गया है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रिंस चंद्रमौली शर्मा ने कहा कि निजीकरण न करने का कारण देश की सुरक्षा और रणनीतिक हित के लिए भी है। युद्ध के समय सेना का आवागमन के लिए रेलवे और राष्ट्रीय एयरलाइन का अपना महत्व हमेशा से रहा है। ऐसे में क्या सही है और क्या गलत है, यह मोदी सरकार नजर अंदाज कर रही है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता रफीक सिद्दीकी ने कहा कि देश की जनता के रोजगार की सुरक्षा के लिए निजीकरण न होना आवश्यक है। पहले यूनियनों से बात कर उन्हें विश्वास में लेना जरूरी था। अब निजीकरण होने के बाद हक और अधिकार के लिए इनकी सुनवाई नहीं होगी। रेलवे में गरीबों और जरूरत मंदो का अस्थाई रूप आश्रय और रात गुजारने का माध्यम था, अब निजी होने के बाद उन्हें बेदखल कर दिया जाएगा। जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी ने कहा कि निजीकरण होने से महा लेखा परीक्षक (सीएजी) और संसदीय समीक्षा का रास्ता बंद हो जाएगा। इसी प्रकार से निजीकरण होने से शासकीय निकायों में लागू सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को भी मोदी सरकार द्वारा अप्रभावी कर दिया जाएगा, जो कि संस्थानों के कार्यों की पारदर्शिता पर प्रश्न वाचक चिन्ह होगा। पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी देवेश कुमार सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वय शत्रुहन दास महंत, संतोष शर्मा पप्पू महाराज, उत्तम पाटले, भोजराम करियारे सहित कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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