छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पड़ेगी खून जमा देने वाली ठंड ! शीतलहर को लेकर गाइडलाइन जारी

रायपुर। प्रदेश में बढ़ते ठंड और शीतलहर को देखते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरी एहतियाती दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शीतलहर के दौरान लोग अनावश्यक घर से बाहर न निकलें और यात्रा से यथासंभव बचें।

ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थाे का सेवन लगातार करते रहें। यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक कंपकंपी, उंगलियों में पीलापन या सफेदपन, सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गाे को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी।

अधिकारियों ने बताया कि कई लोग ठंड से बचने के लिए कोयला जलाकर आग सेंकते हैं, लेकिन बंद कमरे में कोयला जलाना अत्यंत खतरनाक है, क्योकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जहरीली होती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि हाइपोथर्मिया(शरीर का तापमान अत्यधिक कम होना) की स्थिति में व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर लिटाएं और कंबल या गर्म कपडों से ढंक दे, जिससे शरीर का तापमान सामान्य हो सके।

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मांसपेशियों में अकड़न होने पर भी डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। हाइपोथर्मिया के लक्षणों में शरीर का तापमान गिरना, बोलने में कठिनाई, कंपकंपी, भारी सांस लेना, मांसपेशियों में जकड़न और नींद न आना शामिल हैं।

गंभीर स्थिति में व्यक्ति अचेत भी हो सकता है, जिसके लिए तुरंत चिकित्सकीय उपचार आवश्यक है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि बढ़ते ठंड और शीतलहर को लेकर नागरिक सावधानी बरतें, मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।

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