छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

कर्मचारी की मौत पर चक्का जाम:8.50 लाख रुपए मुआवजा मिलने के बाद हटाया गया चक्का जाम

जांजगीर-चांपा जिले में फर्नीचर कंपनी के एक कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने मुआवजे और बच्चों की पढ़ाई की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस ने बातचीत के बाद 8.50 लाख रुपए मुआवजा दिलवाया और चक्का जाम हटाया गया।

मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरिचरण प्रधान के रूप में हुई है, जो नेताजी फर्नीचर की दुकान में करीब 18 वर्षों से कार्यरत थे। उन्हें पिछले साल 13 नवंबर को सीढ़ी से फिसलने के कारण दाहिने पैर की जांघ और एड़ी में गंभीर चोट आई थी।

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दुकान संचालक ने शुरुआत में बिलासपुर जिले के डेका गांव में उनका आयुर्वेदिक इलाज कराया था। तबीयत में सुधार न होने पर परिजनों ने 29 दिसंबर को उन्हें चांपा के नायक अस्पताल में भर्ती कराया। 31 दिसंबर को उनका ऑपरेशन हुआ, लेकिन शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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परिजनों ने दुकान के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया

हरिचरण की मौत के बाद परिजनों ने दुकान संचालक से 50 लाख रुपये का मुआवजा और दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग की। शव को फर्नीचर दुकान के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए, जो परिजनों को समझाने में जुटे थे।

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परिजनों और दुकान संचालक के बीच बातचीत के बाद 8.50 लाख रुपए मुआवजा दिया गया, जिसमें से 4-4 लाख रुपए दोनों बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा करने और 50 हजार रुपए मृतक के अंतिम संस्कार के लिए दिए गए।

इसके लगभग 3 घंटे बाद चक्का जाम हटाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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