
बिलासपुर। उसलापुर स्थित गोकुलधाम में 29 जनवरी की रात एक लापरवाही ने बड़े हादसे का रूप ले लिया। पास के खाली प्लाट में चल रही हाई प्रेशर बोरिंग के दौरान पड़ोसी घर की पुरानी अंडरग्राउंड बोरिंग अचानक फट गई। तेज दबाव से निकला पानी सीधे मकान मालिक पर पड़ा, लेकिन सौभाग्य से वे और परिवार के बच्चे सुरक्षित बच गए। घटना ने इलाके में दहशत फैला दी।
यह घटना रात करीब 8:30 बजे गोकुलधाम निवासी विशाल शर्मा के घर में हुई। वे जैसे ही घर पहुंचे, उन्होंने पास की खाली जमीन पर भारी बोरवेल मशीन और ट्रक खड़ा देखा। उसी दौरान प्लाट में नई बोरिंग का काम हाई प्रेशर तकनीक से चल रहा था। विशाल शर्मा घर के अंदर प्रवेश ही कर रहे थे कि अचानक जोरदार आवाज के साथ उनकी पुरानी अंडरग्राउंड बोरिंग फट गई।
तेज दबाव से पानी फव्वारे की तरह बाहर निकला और सीधे उनकी ओर आ गिरा। वे गिरते-गिरते बचे। कुछ ही सेकंड में आंगन पानी से भर गया। परिवार के लोग घबरा गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि उस समय बच्चे घर के अंदर थे, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बोर खनन किया जा रहा था। घटना के बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोहल्ले में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है और लोग प्रशासन से सख्त जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भू-जल विशेषज्ञ विजय कुमार के अनुसार हाई प्रेशर बोरिंग में हवा या पानी तेज दबाव से डाला जाता है। यदि आसपास पुराने या कमजोर बोरवेल मौजूद हों तो दबाव असंतुलित होकर केसिंग पाइप फाड़ सकता है। भूमिगत जलधाराओं का आपस में जुड़ना भी खतरा बढ़ाता है। इसलिए बोरिंग से पहले हाइड्रोलाजिकल सर्वे और दूरी का आकलन बेहद जरूरी माना जाता है।
विशाल शर्मा के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में अचानक तेज आवाज के साथ पानी का विस्फोट होता दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है। रहवासी अब मांग कर रहे हैं कि रिहायशी क्षेत्रों में बोरिंग से पहले प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाए। इंटरनेट पर यह वीडियो खूब देखा भी जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाई प्रेशर बोरिंग के दौरान डाले गए पाइप भूमिगत स्तर पर पुराने बोर से जुड़ गए। इससे पानी का दबाव अचानक बढ़ गया और पुरानी केसिंग पाइप फट गई। यह घटना बताती है कि घनी आबादी वाले इलाकों में बिना सर्वे और तकनीकी जांच के बोरिंग कराना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
मोहल्ले वालों का आरोप है कि प्लाट में बिना वैध अनुमति बोर खनन किया जा रहा था। न तो सुरक्षा घेरा था और न ही आसपास के घरों को कोई पूर्व सूचना दी गई। बस्ती में भारी मशीनरी और हाई प्रेशर तकनीक का उपयोग सीधे लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। रहवासियों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।




