जांजगीर में भीमा तालाब की बदहाली पर फूटा जनाक्रोश : कचहरी चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली, DMF से 1 करोड़ की मांग

जांजगीर-चांपा।
नगर की ऐतिहासिक पहचान भीमा तालाब की दुर्दशा को लेकर आखिरकार जनाक्रोश सड़क पर आ गया। तालाब में गंदगी, दुर्गंध और नाली के पानी के भराव से परेशान सैकड़ों नागरिकों ने भीमा तालाब बचाओ समिति के बैनर तले कचहरी चौक से कलेक्टोरेट तक जनाक्रोश रैली निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर DMF मद से 1 करोड़ रुपए आवंटित कर तालाब के सौंदर्यीकरण, गंदे पानी की आवक पर रोक और व्यापक सफाई की मांग की। समिति ने 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर ठोस पहल नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
समिति के सदस्यों ने कहा कि भीमा तालाब सिर्फ जलस्रोत नहीं, जांजगीर की पहचान और भावनाओं से जुड़ी धरोहर है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी रखरखाव के अभाव में तालाब बदहाल है। यह नगर पालिका और प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल है। विकास का मतलब सिर्फ पैसा खर्च करना नहीं, बल्कि उसका संरक्षण भी है।
रैली में दिखी एकजुटता –
रैली में विधायक ब्यास कश्यप, दिनेश शर्मा, रमेश पैगवार, विवेक सिसोदिया, पार्षद अरमान खान, रेखा सोनवानी सहित प्रिंस शर्मा, विष्णु यादव, धीरज सिंह बैस, देवराज सिंह चंदेल, राजा सिद्दीकी, चंद्रकुमार ओग्रे समेत सैकड़ों युवा, महिलाएं, समाजसेवी और व्यापारी शामिल हुए।
समिति ने चेतावनी दी कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे नगर के सम्मान और पर्यावरण का मुद्दा है। भीमा तालाब की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।