छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने दिखाई तत्परता, सूचना मिलने 24 घंटे के भीतर ओडिशा से मजदूरों को छुड़ा ले आई प्रशासन की टीम

गरियाबंद. ओडिशा में बंधक आमामोरा के भुंजिया जनजाति के 4 समेत कुल 5 लोगों को आज सकुशल वापस लाने में जिला प्रशासन कामयाब रहा. दरअसल दो दिन पहले बरातू भुंजिया ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया था कि उनके दो भाई, दो बहू और एक बच्ची को ओडिशा के बालंगीर जिले के कुरेकेला थाना क्षेत्र के ढ़ोल मादल गांव में रुई बनाने वाले फैक्ट्री में बंधक बना लिया गया है.

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आवेदन में बताया कि मजदूर दिवाली के बाद आंध्र के ईट भट्ठे गए थे. तीन माह पहले वे वापस आ रहे थे, तभी ओडिशा में उन्हें कुछ ठेकेदार जबरन रुई फैक्ट्री में भेज दिया. घर तक आने जाने नहीं दे रहे थे. बंधक की सूचना मिलते ही कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने मजदूरों को छुड़ाने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता दिखाई और एसडीएम राकेश गोलछा के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. 24 घंटे के अभियान में भुजिया जनजाति के मजदूरों को प्रशासन की टीम सकुशल वापस ले आई.

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मौके से भाग निकला ठेकेदार

घटना की पुष्टि करते हुए एसडीएम गोलछा ने बताया कि जब बलांगीर जिले में बंधक बनाए गए स्थल पहुंचे तो वहां मौजूद फैक्ट्री के लोगों ने मजदूरों के मौजूदगी के सवाल पर झूठ बोल दिया. चूंकि टीम के पास बंधक मजदूरों के मोबाइल नंबर थे. टीम ने कॉल लगाया तो बंधक राम कुमार कॉल रिसीव किया, उन्हें जब बताया गया कि टीम उन्हें छुड़ाने आई है तो वे भाऊक हो गए. फिर अन्य तीन मजदूर बनमाली, फुलोबाई, जानकी व उनके 5 साल की बेटी भी बाहर आए. पूरे अभियान में ओडिशा प्रशासन का पूरा सहयोग रहा. मौके पर ठेकेदार भाग खड़े हुए.

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