बिलासपुर

लगातार ट्रेनों के रद होने से है नाराज, नागरिक सुरक्षा मंच का आंदोलन, रेलवे जोन कार्यालय का किया घेराव

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लोगों को रेलवे के खिलाफ इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा, क्योंकि उन्होंने हद कर दी है। अभी 38 ट्रेनें रद है। कटनी सेक्शन की इन ट्रेनों के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई थी। अब ईब स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने के लिए 66 ट्रेनों को रद कर दिया है। एक साथ दो प्रमुख दिशाओं की ट्रेनों का परिचालन बंद कर देना एक तरह से रेलवे का तानाशाह रवैया है।

बुधवार को नागरिक सुरक्षा मंच के पदाधिकारी व सदस्यों ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन कार्यालय का घेराव किया। इस बीच रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। आंदोलन को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इस बीच धक्का- मुक्की भी हुई।विरोध नहीं होने के कारण ही रेलवे के अफसर लगातार ट्रेनें रद कर रहे थे। पर अब विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को नागरिक सुरक्षा मंच के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जोन कार्यालय के सामने पहुंचे। लगातार ट्रेनों को रद करने से अब आक्रोश भड़कने लगा है।

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वहां पहुंचने के बाद जोन कार्यालय में जाने लगे, तो आरपीएफ ने मुख्य द्वार बंद कर दिया। इस बीच आरपीएफ के साथ धक्का- मुक्की भी हुई। आरपीएफ ने रोकने का प्रयास किया तो आंदोलनकारी मुख्य द्वार के सामने बैठ गए। इसके बाद रेलवे प्रशासन, महाप्रबंधक, पीसीओएम, डीआरएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आंदोलनकारियों का कहना था कि रेलवे आम जनता के साथ गलत कर रही है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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यदि ट्रेनें दोबारा पटरी पर नहीं आती है तो इससे बड़ा आंदोलन होगा। इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना या फिर तोड़फोड़ होती है तो इसके लिए रेल प्रशासन खुद जिम्मेदार रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि पहले भी अधोसंरचना से जुड़े कार्य होते थे। पर इस तरह ट्रेनों के पहिए नहीं रोके जाते थे। इस बार परिचालन विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।

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