छत्तीसगढ़

आस्था या अंधविश्वास? देवी मां की आंखों से निकले आंसू, भजन कीर्तन करने ग्रामीणों की उमड़ी भीड़

सक्ती। विज्ञान युग में भी ग्रामीण अंचलों में अंधविश्वास का दौर कायम है। देवी स्थापना के बाद पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ ग्रामवासी माता की आराधना करते हैं आस्था का प्रतीक माने जाने वाले माता के स्वरूपों की लोग पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं। सक्ती जिले के जनपद पंचायत जैजैपुर अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा में एक आश्चर्य चकित घटना सामने आई है। यहां पीली दाई मां के नाम से प्रसिद्ध माता की आंखो से अचानक आंसू बहने लगा।

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आस्था और गहरी होती दिखी

यह नजारा देख आसपास के ग्रामवासी के अलावा दूसरे लोग माता के इस नजारे को देखते रात में ही वहां पहुंच गए। जिसके कारण गांव कौतूहल का विषय बना हुआ है।लोगो की भारी भीड़ दर्शन को उमड़ पड़ी है। रात से गांव में मेले की तरह भीड़ उमड़ पड़ी है लोग दूर-दूर से दर्शन करने पहुंच रहे हैं, इस मौके पर ग्रामीणों द्वारा भजन कीर्तन किया जाने लगा है। आधुनिकता के इस दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अंधविश्वास कायम है। ऐसी मान्यता है की माता के आशीर्वाद से ग्राम में सुख समृद्धि हमेशा बनी रहती है। ऐसे मे अब माता की आंखों से निकल रहे आंसू को लेकर उनकी आस्था और गहरी होती दिखाई दे रही है।

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