छत्तीसगढ़

संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा कमरछठ-व्रत, शिव-पार्वती-कार्तिकेय भगवान की पूजा; मिट्टी से बनाए दो छोटे तालाब

गुरुवार को माताओं ने परंपरागत कमर छठ का व्रत रखा। यह व्रत संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है। माताओं ने सुबह स्नान के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की पूजा की।

परंपरा के अनुसार, उन्होंने मिट्टी से ‘सगरी’ नामक दो छोटे तालाब बनाए। इन तालाबों में जल भरा गया। फिर फूल, दूब, बेलपत्र, अक्षत और दूध-दही अर्पित किए गए। पूजा के दौरान लोकगीत और मंगलकामनाओं के स्वर गूंजते रहे।

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व्रतधारी माताओं ने पूरे दिन बिना जल के व्रत रखा। उन्होंने अपनी संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। शाम को कथा सुनने और पूजा के बाद महिलाओं ने अपने परिवार के साथ प्रसाद लेकर व्रत का समापन किया।

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