जांजगीर-चांपा: किसानों ने सामूहिक आत्मदाह की दी चेतावनी

धान बेचने टोकन नहीं कटने से परेशान आज करेंगे एसडीएम कार्यालय का घेराव
जांजगीर-चांपा
अकलतरा के बड़े गांव में शामिल पोड़ी दल्हा उपार्जन केन्द्र में आने वाले विभिन्न गांवों के लगभग 65-70 किसान पांच हजार क्विंटल से भी ज्यादा धान नहीं बेच पा रहे हैं। धान बेचने के लिए टोकन नहीं कटने से परेशान किसानों ने पोड़ी दल्हा में बैठक कर अकलतरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपने और एसडीएम कार्यालय का घेराव करने का फैसला किया है। पोड़ी दल्हा सरपंच जीतेन्द्र सिंह बताया कि पोड़ी दल्हा उपार्जन केन्द्र अंतर्गत परसाही नाला, चंगोरी, धनपुर, चंदनिया और अमलीडीह सहित लगभग दस गांव आते हैं जिनके साठ से सत्तर किसान टोकन नहीं कटने से धान बेचने में असमर्थ हैं जिसका परिणाम यह है कि किसान रात को अपने अपने कोठारो में रतजगा कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन की लानत-मलामत कर रहे हैं क्योंकि समस्या केवल टोकन कटने की नहीं है बल्कि धान उपजाने से लेकर धान पकने तक प्रथम चरण का कार्य बड़ी मशक्कत से पूरा करने के बाद धान बेचने के लिए पांच चरणों की अगली प्रक्रिया में किसानों ने धरती पाताल एक करके भी ढाक के वहीं तीन पात कहते हुए न केवल टोकन कटने बल्कि गिरदावरी में सुधार नहीं होने के कारण किसानो का रकबा घट गया है जिसके कारण किसानों को अपने मेहनत और उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण किसानों की नींद हराम है।प्रदेश के दो किसानों की दर्दनाक आत्महत्या के बाद भी प्रशासन चेता नहीं है बल्कि भौतिक सत्यापन का कोड़ा लेकर घर-घर जा रहा है और किसानों के पेट काटने के बाद उनकी पीठ भी भौतिक सत्यापन के कोड़े से छील रहा है और उसके बाद यह कोड़ा थमेगा नहीं बल्कि तीसरे चरण में कोआपरेटिव बैंक की लंबी कतारें किसानों को भागीरथी तप के बाद धन रुपी गंगा किसानों के हाथों में प्रकट होगी तब तक किसानों को भागीरथी तप करने दिया जाए।

एग्रीस्टैक तकनीकी समस्या अब तक नहीं सुधारा गया
बताया जा रहा है कि पोड़ी दल्हा उपार्जन केन्द्र अंतर्गत आने वाले गांव परसाही नाला के सारे किसान एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं होने से परेशान हैं जिसकी गूंज विधानसभा तक गयी है लेकिन पूर्वाग्रह से ग्रस्त प्रशासन ने इतनी जांजगीर-चांपा: बड़ी समस्या पर भी कोई सुध नहीं ली है और किसान धान बेचने में असमर्थ अपने बाल नोच रहे हैं।
80 किसानों का कैरी फारवर्ड नहीं
पोड़ी दल्हा के लगभग 80 किसानों धान बेचने के लिए पंजीयन के अंतिम पायदान कैरी फारवर्ड से चूक गए हैं जिसके कारण वे भी अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं और वे 80 किसान अपनी समस्या हल जिम्मेदार अधिकारी को बता रहे हैं मदद की उम्मीद मिल तो रही पर मिल नहीं रही है।
आज पोड़ी दल्हा उपार्जन केन्द्र अंतर्गत आने वाले दस गांवों के लगभग 56 किसानों की बैठक हुई है। बहुत सारे किसान पहुंचे नहीं थे इसलिए संख्या ज्यादा हो सकती है। कल सोमवार को हम एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर घेराव करेंगे और समस्या का समाधान नहीं होने पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे।
जीतेन्द्र सिंह सरपंच पोड़ी दल्हा




