छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना में फर्जीवाड़ा, पहले से शादीशुदा जोड़े ने योजना का लाभ लेने फिर से रचाई शादी

कांकेर। मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत 10 फरवरी को गोविंदपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. एक जोड़े ने पहले से शादीशुदा होने के बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए दोबारा शादी रचा डाली. सोशल मीडिया पर तस्वीरों के वायरल होने के बाद मामला उजागर हुआ, जिससे सत्यापन तंत्र की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है.

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रेमनगर निवासी सुदीप विश्वास और ग्राम पीवी 64 निवासी स्वर्णा मिस्त्री ने 3 जून 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह किया था. विवाह के बाद युवती अपने पति के साथ रह रही थी. इसके बावजूद दोनों ने सामूहिक विवाह योजना में पंजीकृत कर लिया गया, और 10 फरवरी को आयोजित समारोह में एक बार फिर से सात फेरे ले लिए.

See also  जांजगीर चाम्पा : अंतरराज्यीय उठाईगिरी और लूट गिरोह के दो सदस्य बिहार से गिरफ्तार, कई मामलों का हो सकता है खुलासा

मामले के उजागर होने के बाद आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं. आवेदन सेक्टर हरनगढ़ से किया गया, जबकि नियमानुसार वधू पक्ष की स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से आवेदन अनिवार्य है. आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर ने बिना गहन जांच के आवेदन स्वीकार कर लिया. पंचायत से अविवाहित होने का प्रमाण पत्र तो लिया गया, लेकिन वास्तविक वैवाहिक स्थिति की पुष्टि नहीं की गई.

See also  होली पर सूतक का साया : दहन 2 मार्च को लेकिन खेली जाएगी 4 को, क्योंकि 3 को चंद्रग्रहण

वायरल तस्वीरों में वर-वधू सिंदूर और बंगाली परंपरा के अनुसार पोला पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, जो पहले से विवाहित होने का संकेत देते हैं. गौरतलब है कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. ऐसे में फर्जी पंजीकरण के कारण सरकारी राशि गलत हाथों में चली गई. यह पूरा मामला योजना के सत्यापन तंत्र की बड़ी चूक और लापरवाही को उजागर करता है. प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है और दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

See also  सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अंगारों पर चलकर प्रदर्शन, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को पकड़कर लाया गया सेंट्रल जेल

Related Articles

Leave a Reply