छत्तीसगढ़

नए साल में एसीबी की पहली बड़ी कार्रवाई : SDM कार्यालय का बाबू एक लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

रायगढ़। नए साल 2026 में एसीबी की टीम ने रायगढ़ जिले में पहली बड़ी कार्रवाई की है। ACB की बिलासपुर ईकाई ने धर्मजयगढ़ के एसडीएम कार्यालय के बाबू अनिल कुमार चेलक को ग्रामीण से एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। डर से पैसे को आरोपी ने आवास के पीछे फेंका था, जिसे टीम ने बरामद किया।

डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा, जिला रायगढ़ निवासी राजू कुमार यादव ने एसीबी इकाई बिलासपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने अपने नाम पर ग्राम अमलीटिकरा में एक जमीन क्रय की थी। उक्त जमीन का रजिस्ट्री उपरांत नामांतरण भी उसके नाम पर हो चुका है।एसडीएम कार्यालय धर्मजयगढ़ के बाबू अनिल कुमार चेलक उसे बुलाकर यह कहा था कि जिस जमीन को वह खरीदा है वह गलत तरीके से रजिस्ट्री हुई है, जिसके संबंध में उसके खिलाफ और विक्रेता के खिलाफ एक शिकायत हुई है, जिसके बारे में उसने बाद में बुलाने पर मिलने को कहा।

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शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 दिसंबर को बाबू अनिल ने उसे मिलने के लिए बुलाया, जिस पर वह 23 दिसंबर को बाबू से मिला तो उसने शिकायत को नस्तीबद्ध करने के बदले में 2 लाख रुपए की मांग की थी। बाबू अनिल चेलक को शिकायतकर्ता राजू रिश्वत में 2 लाख रुपए नहीं देना चाहता बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए पकड़वाना चाहता है। शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान प्रथम किश्त में 1 लाख रुपए लेने के लिए सहमति आरोपी अनिल चेलक द्वारा दी गई, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। दो जनवरी को प्रार्थी द्वारा व्यवस्था की गई राशि 1 लाख रुपए को बाबू को देने के लिए उसके धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास में भेजा गया। रिश्वती राशि 100000 रुपए को आरोपी अनिल चेलक द्वारा अपने हाथ में लेने के बाद कुछ संदेह होने पर तुरंत आवास का दरवाजा बंद कर लिया गया और दरवाजा नहीं खोला गया।

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आवास के पीछे पीछे बैग में भरकर फेंका था पैसा

लगातार प्रयास के बाद एसीबी टीम द्वारा दरवाजे को जोर से धक्का देने पर अंततः दरवाजा खुल गया। आवास में आरोपी के मिलने पर पहले आरोपी रिश्वती रकम के बारे में कुछ नहीं बताया पर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने रिश्वत में ली गई राशि 100000 रुपए को अपने आवास के पीछे के दीवार के पीछे तरफ बैग में डालकर फेकना बताया, जिसे एसीबी के स्टाफ ने भी आवास के पीछे आरोपी को फेंकते हुए देखा था। रिश्वती राशि 100000 रुपए को एसीबी की टीम ने बरामद कर लिया गया है। एसीबी ने आरोपी बाबू को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी दो जनवरी 2025 को ही एसीबी इकाई बिलासपुर ने जिला जांजगीर में हथकरघा विभाग के निरीक्षक हरेकृष्ण चौहान को 50000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर वर्ष 2025 में पहले ट्रैप कार्रवाई की शुरुवात की थी।

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