
रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार दोपहर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। रातभर हुई लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। उफनते नालों का गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों का घरेलू सामान, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी में डूब गए। कई परिवारों ने पूरी रात जागकर घरों से पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी।
बारिश का सबसे ज्यादा असर टाटीबंध, लाखेनगर, अश्वनी नगर, कुशालपुर, तुलसी नगर, बंजारी नगर और प्रोफेसर कॉलोनी समेत कई इलाकों में देखने को मिला। सड़कें पानी से लबालब भर गईं और कई जगहों पर हालात ऐसे बन गए कि सड़क और नाले में फर्क करना मुश्किल हो गया। जलभराव के चलते लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।
कई कॉलोनियों में बारिश का पानी सीधे घरों के अंदर घुस गया। कमरों, रसोई और आंगन में पानी भरने से लोगों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। कुछ घरों में पलंग तक पानी पहुंच गया, जिससे परिवारों को रातभर जागकर बाल्टियों और मोटर पंप की मदद से पानी बाहर निकालना पड़ा। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गईं।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। उनका कहना है कि नालियों और नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाता। लोगों ने बताया कि करीब एक माह पहले नाले की सफाई और चौड़ीकरण का कार्य किया गया था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में व्यवस्था की पोल खुल गई।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।





