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नाग पंचमी पर कैथा के बिरितिया बाबा धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सक्ती/जैजैपुर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कैथा स्थित प्रसिद्ध बिरितिया बाबा धाम में सोमवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।

कैथा का बिरितिया बाबा धाम वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सर्पदंश सहित विभिन्न परेशानियों से राहत की कामना लेकर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर की मिट्टी को लेकर भी लोगों में विशेष आस्था है। श्रद्धालु इसे बाबा का आशीर्वाद मानकर ग्रहण करते हैं।

लोककथा से जुड़ा है धाम का इतिहास –
बिरितिया बाबा धाम से जुड़ी प्रचलित लोककथा के अनुसार वर्षों पहले एक व्यक्ति के गले में मछली की हड्डी फंस गई थी। इसी दौरान उसे सपने में एक नाग दिखाई दिया, जिसने सुरक्षित स्थान पर जाकर पूजा-अर्चना करने का संकेत दिया। इसके बाद संबंधित स्थान पर बिरितिया बाबा की स्थापना हुई और धीरे-धीरे यह स्थल क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।

विशेष पूजा-अर्चना के साथ लगा भव्य मेला –
नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंजता रहा।
वहीं मेले में पूजा सामग्री, खिलौने, घरेलू सामान, खान-पान और मनोरंजन से जुड़ी विभिन्न दुकानें सजीं। बच्चों, महिलाओं और युवाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

आस्था और परंपरा का संगम –
बिरितिया बाबा धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक बन चुका है। नाग पंचमी के अवसर पर सक्ती, जांजगीर-चांपा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे।

नाग पंचमी पर कैथा का बिरितिया बाबा धाम श्रद्धालुओं की आस्था, धार्मिक परंपरा और मेले की रौनक से गुलजार नजर आया। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बनी रही और पूरा क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंजता रहा।

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