नवरात्र में अंधेरे में डूबा कोटमी सोनार रेलवे स्टेशन, मगरमच्छ पार्क वाले इस अहम मार्ग पर यात्रियों की बड़ी परेशानी

कोटमी सोनार: बिलासपुर-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित कोटमी सोनार रेलवे स्टेशन इन दिनों प्रकाश व्यवस्था के अभाव में अंधेरे में डूबा हुआ है। नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान भी रेलवे स्टेशन पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर अंधेरा पसरा रहने के कारण यात्रियों को बैठकर ट्रेनों का इंतजार करने से लेकर आवागमन तक में दिक्कतें हो रही हैं।
नवरात्र के अवसर पर नैला, चांपा और बिलासपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके बावजूद स्टेशन परिसर में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन टिकट के माध्यम से यात्रियों से किराया वसूल करता है, लेकिन स्टेशन पर रोशनी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं होना चिंताजनक है।
कोटमी सोनार में प्रसिद्ध मगरमच्छ संरक्षण केंद्र (क्रोकोडाइल पार्क) स्थापित है, जहां पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बिलासपुर-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित इस स्टेशन का महत्व और बढ़ जाता है। इसके बावजूद स्टेशन पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होना रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर अंधेरा रहने से रात के समय असुविधा के साथ सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बनी रहती हैं। रेलवे प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन परिसर और यात्रियों के बैठने वाले स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए। यात्रियों ने मांग की है कि संबंधित रेलवे अधिकारी जल्द पहल कर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करें, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से रेल यात्रा करने का अवसर मिल सके। पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार प्रभारी व्योमेश लिल्हारे द्वारा रेलवे प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क कर रेलवे स्टेशन प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने संपर्क किया गया है।




