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संसद: महिला आरक्षण विधेयक के श्रेय को लेकर पक्ष-विपक्ष में खींचतान, भिड़े अमित शाह और अधीर रंजन चौधरी

नई दिल्ली

संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। आज संसद की कार्यवाही नए संसद भवन में की जा रही है। नए संसद भवन की शुरुआत में ही महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के बीच तीखी बहस देखी गई।

रअसल, विधेयक के श्रेय को लेकर पक्ष-विपक्ष में खींचातानी बनी हुई है। अधीर रंजन लगातार महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस सरकार की पहल बता रहे हैं। उनका कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक की मांग यूपीए ने शुरू की थी। इस पर अमित शाह ने नए संसद भवन में कहा कि माननीय अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि पुराना विधेयक अभी भी जीवित है, जबकि स्पष्ट जानकारी है कि पुराने विधेयक की वैधता खत्म हो गई है।

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शाह ने कहा कि चौधरी जो दावा कर रहे हैं क्या उसके समर्थन में उनके पास कोई दस्तावेज हैं? उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सांसद के पास इससे संबंधित कोई कागजात हैं तो उन्हें सामने रखने चाहिए। गृह मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई कागज नहीं रख सकते हैं, तो कांग्रेस नेता को अपना बयान वापस लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चौधरी ने यह भी कहा है कि यह विधेयक लोकसभा में राजीव गांधी के समय में पारित किया गया था, जबकि ऐसा कभी भी नहीं हुआ है। शाह के इतना बोलते ही संसद में जोरदार हंगामा होने लगा। विपक्षी नेताओं के जोरदार हंगामे के बीच शाह ने कहा कि मुझे पूरा तो बोलने दीजिए। वहीं, लोकसभा स्पीकर भी विपक्षी सांसदों को शांत कराते दिखे।

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शाह ने आगे बात जारी रखी। उन्होंने कहा कि अगर विधेयक लोकसभा में पारित हो गया और उसे राज्यसभा में पारित नहीं किया गया। वहीं, उस दौरान लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया तो विधेयक खुद ही खारिज माना जाता है। शाह ने कहा कि वह मानते हैं कि इस पर स्पष्टता होनी चाहिए। अगर अधीर रंजन चौधरी के पास इससे संबंधित कुछ जानकारी है तो उन्हें उसे सदन में रखना चाहिए।

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