छत्तीसगढ़

मौत मांगने वाले भाजपा नेता से भूपेश की सीधी बात: सूरजपुर के विशंभर यादव से बोले- आइए रायपुर, हम कराएंगे इलाज

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बीजेपी के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की थी इस बात की जानकारी होते ही पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सूरजपुर जिले के कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के मोबाइल से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से बात की और उन्हें उचित इलाज का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने इलाज के लिए रायपुर बुलाया।

उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व रायपुर में पीएम की सभा में शामिल होने जाते वक्त भाजपा मंडल महामंत्री अपने कार्यकर्ताओं को लेकर प्रधानमंत्री की आमसभा में शामिल होने जा रहे थे। उसी दौरान बस बेमेतरा के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें गंभीर रूप से घायल भाजपा के तत्कालीन मंडल महामंत्री विशंभर यादव स्थायी विकलांगता का शिकार हो गए। इसके साथ ही वे आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ भाजपा संगठन की उपेक्षा से व्यथित होकर मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांग रहे हैं।

See also  सूटकेस में गौमांस लेकर पहुंची महिलाएं, बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ाई

विशंभर यादव का पूरा परिवार शुरू से ही भाजपा से जुड़े हुए हैं। इनके पिताजी आरएस से जुड़े हुए थे और यह और इनकी पत्नी भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे। दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में कार्यकर्ता ले जाने की जिम्मेदारी इनको दी गई थी। वे बस में अपने कार्यकर्ताओं को लेकर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क हादसे में यहां पूरी तरीके से घायल हो गए। जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से सहानुभूति व्यक्त की थी और उस समय के जितने भी बड़े नेता छत्तीसगढ़ के थे। वे सभी इनका हाल- चाल जानने अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे थे।

See also  प्रदेशभर में आज से सुशासन तिहार की शुरुआत, CM साय समेत मंत्री-अफसर करेंगे जिलों का दौरा

संगठन की तरफ से अपोलो से एम्स दिल्ली के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराया गया था। लेकिन उसके बाद इनका हाल-चाल लेने वाला कोई नहीं रहा. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार भी बन गई। उसके बाद भी आज यह इलाज के अभाव में बिस्तर में पड़े हुए हैं और लगातार दो वर्षों से इनका इलाज का खर्च परिवार उठा रहा है। लेकिन अब उनकी भी स्थिति बिगड़ने लगी है, अब तक इलाज में 30 से 35 लाख रुपए खर्च हो गए हैं। इनके पास जो भी था, वह सब लगा दिए। अब इनके बस कुछ नहीं रहा। घर की स्थिति देखते हुए और अपने शारीरिक स्थिति से मजबूर होकर विशंभर यादव ने इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं।

See also  आज मजदूर दिवस : दस्तावेजों की दीवार... चार माह में 24 हजार 'श्रमवीर' नहीं बन पाए श्रमिक, लौट गए बैरंग

Related Articles

Leave a Reply