देश

‘मैं रेलवे स्‍टेशन के बाहर अंधेरे में अकेली खड़ी हूं, डर लग रहा…’, महिला अधिकारी ने मांगी मदद और पास हो गई पुलिस

आगरा

शुक्रवार की देर रात ब्लैक पेंट वाइट शर्ट पहने एक महिला आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर नज़र आती है, वो पुलिस को मदद के लिए 112 नंबर पर फोन करती है. पुलिस से वह कहती है, ‘मैं आगरा आई हुई हूं. देर रात और सुनसान रास्ता होने की वजह से मुझे डर लग रहा है, घबराहत हो रही है. मुझे पुलिस की मदद चाहिए…

आधी रात को मदद की गुहार लगाने वाली ये महिला, असल में खुद एक महिला अधिकारी हैं. दरअसल, महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वाले मनचले, पर्यटकों के साथ ठगी करने वाले और रात में ड्यूटी करने वाले पुलिसवाले अब सावधान हो जाएं, क्योंकि एसीपी डॉक्टर सुकन्या शर्मा आधी रात में भी सड़क पर उतर सकती हैं. रात के अंधेरे में महिलाओं की सुरक्षा पुलिस कैसे करती है और पर्यटकों को कैसे लपका जाता है? इसको परखने के लिए खुद आम पर्यटक बनकर आगरा की सड़कों पर ऑटो में एसीपी सुकन्या उतरीं.

See also  सरकार ने 16 दवाओं पर लगाया तत्काल बैन, कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ये मेडिसिन?

पुलिस ने कुछ ऐसे की ‘पयर्टक महिला’ की मदद
सुकन्या शर्मा की बात सुनने के बाद 112 से उन्हें सुरक्षित स्थान पर खड़े होने के लिए बोला गया, तीन मिनट तक फोन पर ही उनसे जानकारी ली गई. इसके बाद उनके पास पिंक पीआरवी का फोन आया. वह उनको सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए आने लगी. बाद में उन्होंने बताया कि वो एसीपी हैं और 112 नंबर पर कैसे और कितनी जल्‍दी कार्रवाई होती है, उसको चेक कर रही थीं और इस चेकिंग में 112 नंबर पास हो गया.

See also  सरकार ने 16 दवाओं पर लगाया तत्काल बैन, कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ये मेडिसिन?

ऑटो ड्राइवर भी रियालिटी चेक में हुआ पास
एसीपी सुकन्या इसके बाद निकल पड़ीं वूमेन सेफ्टी ऑटो की पड़ताल करने. इसके लिए उन्‍होंने एक ऑटो लिया… ड्राइवर ने किराया बताने के बाद उन्हें ऑटो में बैठा लिया. इसके बाद उन्हें बताये पते तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया. इस बीच एसीपी सुकन्‍या ने बिना अपनी पहचान बताए ड्राइवर से वूमेन सेफ्टी ऑटो के बारे में जानकारी ली. ऑटो ड्राइवर ने बताया कि पुलिस ने उनका सत्यापन किया है. जल्द ही वर्दी और नंबर के साथ वह ऑटो चलाना शुरू करेंगे. पहले दिन पुलिस के रियालिटी चेक में पुलिसकर्मी, एसीपी के जांच पड़ताल में पास हो गए.

See also  सरकार ने 16 दवाओं पर लगाया तत्काल बैन, कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ये मेडिसिन?

ऐसे ही पता चलती है, जमीनी यकीकत
पुलिस के आधा अधिकारियों को कई बार जमीनी हकीकत को जानने के लिए खुद भी पहचान छिपाकर एक आम इंसान की तरह सड़कों पर उतरना पड़ता है. तब कहीं जाकर वो असल हालात से वाकिफ होते हैं. अगर पुलिस और प्रशासन ने अपना काम पूरी इमानदारी से करे, तो एक सुरक्षित प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा सकता है. ऐसा ही एक प्रयास एसीपी सुकन्‍या करती नजर आ रही है, जिसे सराहा जाना चाहिए.

Related Articles

Leave a Reply