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रायपुर में प्राध्यापकों की पूरी टीम को जाना होगा जेल

रायपुर। केंद्रीय जेल में अब नियमित कक्षाओं का संचालन होगा। महाविद्यालय के प्रोफेसर्स वहां पहुंचकर कैदियों की कक्षाएं लेंगे। दरअसल अब तक कैदी प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में शामिल होते रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत अब प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए भी निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है। यही वजह है कि अब जेल में कैदियों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन होगा। 

ऐसा नहीं किए जाने की स्थिति में उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ता। इसके अलावा अन्य स्वाध्यायी विद्यार्थियों की तरह कैदियों का भी आंतरिक मूल्यांकन होगा। जो प्राध्यापक कैदियों की कक्षाएं लेंगे, वे ही उनका आंतरिक मूल्यांकन करेंगे। उन्हें असाइनमेंट भी प्रदान किए जाएंगे, जिसे तय अवधि तक पूर्ण करना होगा। दिसंबर- जनवरी में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए कक्षाएं नवंबर के दूसरे पखवाड़े में प्रारंभ होंगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के प्राध्यापक जेल में अपनी सेवाएं देंगे। इस बार पं. रविशंकर शुक्ल विवि की परीक्षा के लिए केंद्रीय जेल रायपुर के 81 कैदियों ने फॉर्म भरे हैं। इनमें स्नातक तथा स्नातकोत्तर दोनों ही छात्र शामिल हैं।

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इसलिए फैसला

सामान्य स्वाध्यायी विद्यार्थियों की तरह कैदियों को कॉलेज जाने की अनुमति प्रदान करना व्यवहारिक दृष्टिकोण से संभव नहीं है। अनुमति मिलने पर भी सुरक्षा के लिए पुलिस बल को साथ जाना पड़ता। इसमें आने वाली अन्य समस्याओं को देखते हुए बर जेल में ही कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया। पूर्व में भी महाविद्यालीयन प्राध्यापकों द्वारा जेल में कक्षाएं संचालित की जाती रही हैं, लेकिन उस वक्त नियमित रूप से लंबे समय तक कक्षाएं संचालित करने के स्थान पर सब्जेक्ट काउंसिलिंग और डाउट क्लियर करने की ही व्यवस्था होती थी। इग्नू के अधिकारी भी यहां अपनी सेवाएं देते रहे हैं।

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निशुल्क देंगे सेवाएं

केंद्रीय जेल परीक्षा प्रभारी नेतराम नागतोड़े ने बताया कि, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय से चर्चा पूर्ण हो गई है। वहां के प्राध्यापक जेल में निशुल्क कक्षाएं संचालित करेंगे। मौजूदा सत्र में 81 कैदियों ने प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में आवेदन किए हैं। इनमें से अधिकतर कला और वाणिज्य संकाय के हैं।

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