देश

हार्ट पेशेंट पिता का 3 लाख रुपये ले गई बेटी….कोर्ट मैरिज कर पति के साथ थाने पहुंची युवती

राजस्थान

पाली में बेटी और घर वालों के बीच विवाद थाने तक पहुंच गया. दरअसल, विवाद शादी से जुड़ा है. युवती अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी थी, तो घर वाले कहीं और शादी करवाना चाहते थे. इसी विवाद के बीच 11 अगस्त को वह घर से भाग गई. अस्पताल जाने का कहकर 11 अगस्त को प्रेमी के साथ भागी युवती रविवार को तखतगढ़ थाने पहुंची. युवती ने बताया कि उसने कोर्ट मैरिज कर ली है, अब वह प्रेमी के साथ ही रहेगी. इस दौरान थाने पहुंचे परिजनों व युवती के बीच 3 लाख रुपये के लिए तकरार हो गई. घरवालों ने बेटी पर आरोप लगाया कि वह अपने पिता के ऑपरेशन के लिए रखे रुपये लेकर फरार हो गई थी जबकि युवती ने पुलिस को बताया कि वह घर से 500 रुपये, आधार कार्ड और अपनी बीमारी की पर्ची के अलावा कुछ नहीं ले गई. तखतगढ़ में 20 साल की युवती व उसका प्रेमी हितेश कुमार घांची 11 अगस्त को निजी बस से शिवगंज पहुंचे. यहां से कार किराए पर लेकर अहमदाबाद गए. फिर आगे ट्रेन से मुंबई गए. बोरीवली क्षेत्र में एक होटल में रुके और वहीं कोर्ट मैरिज कर ली. रविवार को वापस तखतगढ़ थाने पहुंचे और शादी के बारे में पुलिस को बताया. सूचना मिलने पर परिजन थाने पहुंचे. यहां बाप-बेटी में रुपये को लेकर तकरार भी हो गई. पिता इस बात पर अड़े रहे कि रुपये उनकी बेटी ने ही लिए है जबकि उसका कहना था कि वह रुपये लेकर नहीं गई है. पुलिस ने मामला शांत करवाया और युवती को प्रेमी के साथ भेजा. अब पुलिस घर से गायब हुए 3 लाख 15 हजार रुपये की जांच में जुट गई है. परिजनों ने बताया कि युवती की सगाई खांगड़ी गांव में हो गई थी. चार महीने बाद दो बेटियों की शादी करने की तैयारी में परिजन जुटे हुए थे, लेकिन युवती अपने प्रेमी के साथ भाग गई. युवती के कोर्ट मैरिज के बारे में जब परिजनों को पता चला तो वे रोने लगे. बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. युवती के पिता हार्ट के मरीज हैं. डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी थी. गेहूं की फसल के आए 2.15 लाख रुपये घर के लॉकर में रखे थे. ऑपरेशन में राशि कम पड़ने पर एक लाख रुपये अपने भाई से उधार लिए थे. परिजनों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में यह आरोप लगाया था कि तीन लाख 15 हजार रुपये जो घर में रखे थे, वह पैसे युवती अपने साथ ले गई. रविवार को जब युवती थाने पहुंची तो उसके पिता अस्पताल में भर्ती थे. वे भी अपनी बेटी को समझाने थाने पहुंचे, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही.

Related Articles