छत्तीसगढ़

वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का आज 09 वें दिन हड़ताल जारी, कार्य से पृथकीकरण के कारण एक कर्मचारी की हृदयघात से निधन

छ.ग. दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ नियमितीकरण, स्थायीकरण सीधी भर्ती पर रोक लगानें तथा कार्यभारित आकस्मिकता सेवा नियम 2023 लागु किये जानें सहित 09 सूत्रिय मांगों को लेकर दिनांक 11.08.2024 से अनिश्चित कालीन हड़ताल में बैठे है आज 09 दिन है किन्तु किसी प्रकार का कोई भी पहल नही किया जा रहा है। समस्त वन मंडलों से कार्य से पृथक किये जानें संबंधी पत्र जारी किया जा रहा है जिसके कारण आहत होकर संगठन के सक्रीय सदस्य श्री संजू सिंग का आज दिनांक 19.08.2024 को हृदय घात हो जानें के कारण उनका निधन हो गया है दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में शोक का लहर है,रक्षाबंधन भी फिका पड़ गया। वन मंत्री जी कार्यभारित आकस्मिकता निधी सेवा नियम लागू करने के लिए सहमत थे किन्तु आज दिवस तक उक्त मांगें पुरा नहीं किया गया है। सरकार आज भी छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के मांगों पर निर्णय लेने के लिए सक्षम है लेकिन निर्णय लेने के लिए वन मंत्री क्यों कतरा रहे है समझ से परे है।

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आज दिनांक 19.08.2024 को स्व. श्री संजू सिंग का हृदय घात हो जाने के कारण आकस्मिक निधन हो गया है, आश्रित पिडित परिवार के सदस्य को एकमुस्त एक लाख रुपया अनुदान राशि प्रदान करें। समस्त वन मंडलाधिकारियों के द्वारा हड़ताली कर्मचारियों कों कार्य से पृथक करनें संबधि पत्र जारी किया गया है जिसके कारण दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी सदमे में है अगर भविष्य में किसी भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का निधन होता है या उसके साथ अप्रिय घटना घटता है तो इसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार होंगा वर्तमान में भी स्व. श्री संजू सिंग के मृत्यु के लिए भी शासन प्रशासन ही जिम्मेदार है, पिछले बार वर्ष 2022 के 34 दिनों के हड़ताल में भी 05 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का निधन हुआ था, सरकार कों गभिरता पूर्वक विचार कर तत्काल निर्णय लेना चाहिये वन मंत्री सुलझे हुए व्यक्ति है किन्तु समस्याओं का समाधान नही करना मांगों को पुरा नहीं करना समझ से परे है देखना अब यह है कि वन मंत्री किस तरिका से हड़ताली कों संतुष्ठ करता है।

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