ढ़ाई-ढ़ाई साल का फार्मूला या मिलेगा अभयदान!….संदर्भ छत्तीसगढ़ की सत्ता

डेस्क न्यूज/राजेश बिसेन
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की स्थिति बनी हुई है. पिछले दिनों छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी वहीं अब मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए सीएम भूपेश बघेल और उनका खेमा भी पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा- मैंने राहुल जी को बतौर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ आमंत्रित किया है. वह राज्य में अब तक हुए विकास कार्यों को देखेंगे.
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, मैंने उसे सब कुछ बता दिया है. राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ राज्य के प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा हुई. अंत में मैंने राहुल गांधी से छत्तीसगढ़ आने का अनुरोध किया. उन्होंने सहर्ष निमंत्रण स्वीकार कर लिया, वह अगले हफ्ते वहां आएंगे. वह पहले बस्तर जाएंगे, और वहां विभिन्न परियोजनाओं और कार्यों का निरीक्षण करेंगे. राज्य के मुख्यमंत्री पद के संबंध में ढ़ाई-ढ़ाई साल के फॉर्मूले के बारे में पूछा गया तो भूपेश बघेल ने कहा, पीएल पुनिया पहले ही इस पर सफाई दे चुके हैं, मुझे आगे कुछ कहने की जरूरत नहीं है. मैंने जो चाहता था उसे अपने नेता को बता दिया है.
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मुख्यमंत्री बघेल शुक्रवार को दोपहर बाद राहुल के आधिकारिक निवास 12 तुगलक लेन पहुंच गए. प्रियंका गांधी वाड्रा भी 12 तुगलक लेन पहुंचीं थीं. दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई. माना जा रहा है कि टीएस सिंहदेव भी आज राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं. भूपेश बघेल के गुट के मंत्री और 53 विधायक पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. बघेल गुट के कई विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है. करीब दर्जनभर से ज्यादा विधायकों ने गुरुवार की देर रात कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया से मुलाकात की. बघेल समर्थक विधायक पुनिया से मुलाकात का समय लिए बगैर सीधे उनके घर पहुंच गए थे.
बघेल समर्थक विधायकों ने सीएम बदले जाने का विरोध किया है. बघेल गुट के विधायक सूबे की सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के खिलाफ हैं. सूत्रों के मुताबिक बघेल गुट का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले सीएम को कुर्सी से हटाना पार्टी को भारी पड़ सकता है. सूत्रों का ये भी कहना है कि बघेल गुट ने बहुमत का दावा किया है. इस संबंध में बघेल गुट के विधायकों ने कहा है कि भूपेश बघेल के साथ बहुमत है. बघेल गुट ने राजस्थान और पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा है कि अगर सरकार में नेतृत्व परिवर्तन होता है तब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी इन राज्यों की तरह खलबली मच सकती है, बिखराव हो सकता है.