छत्तीसगढ़

नशे में धूत स्कूल में मिला शिक्षक, रोज कर रहे थे मुर्गा-शराब की पार्टी

गरियाबंद : 

मैनपुर ब्लॉक में एक शिक्षक का यह हाल है कि वह स्कूल में ही आकर मुर्गा पकाते और फिर प्रधान पाठक के साथ शराब पार्टी करते। इस दौरान बच्चे पढ़ाई की बात करते तो उन्हें पीटा जाता। ग्रामीणों को पता चला तो गुरुवार दोपहर स्कूल पहुंच गए। रंगे हाथ पकड़े गए मास्टर जी नशे में इतना धुत मिले कि जमीन पर जा गिरे। आदिवासी बहुल्य ढोर्रा गांव के मिडिल स्कूल में पदस्थ प्रधान पाठक शशि शेखर पांडेय और शिक्षक खिरसिंह नेताम रोज स्कूल तो पहुंचते, लेकिन बच्चों को पढ़ाने की जगह शराब और मुर्गा पार्टी करते। बच्चों की बेवजह पिटाई की जाती। परेशान होकर बच्चों ने इसकी जानकारी अपने परिजन को दी। बात गांव में फैली तो उन्होंने स्कूल जाकर खुद देखना तय किया। इसके लिए सरपंच प्रतिनिधि शोप सिंह ने संकुल समन्वयक जगजीवन ठाकुर को भी अपने साथ ले लिया। सभी लोग एकजुट होकर दोपहर करीब 1 बजे स्कूल पहुंच गए। वहां ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को शराब और मुर्गा पार्टी करते पकड़ लिया। प्रधान पाठक शशि शेखर पांडेय तो ग्रामीणों और परिजनों से भिड़ गए। मीडिया पहुंची तो उसे भी कैमरा बंद करने की चेतावनी दे डाली। शिक्षक खिरसिंह नेताम तो इतना ज्यादा नशे में था कि अपने पैरों पर ही नहीं खड़े हो पा रहे थे। ग्रामीणों को देख थोड़ा संभले और मैदान में खड़ी अपनी बाइक उठाने पहुंचे, लेकिन नशे की हालत में लहराते हुए वहीं जमीन पर जा गिरे। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से दोनों मास्टरों का यह शराब और मुर्गा पार्टी का खेल चला रहा था, लेकिन बिना कारण बच्चों की पिटाई ने इसे बिगाड़ दिया। प्रधान पाठक आने वाले हर बच्चे का कान पकड़ कर खींचते। इसके चलते बच्चे भी गुस्से में थे। एक दिन पहले फिर उनके साथ ऐसा हुआ तो परिजनों को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद परिजन और अन्य ग्रामीण पहुंचे तब भी हेड मास्टर बाज नहीं आए। उन्होंने एक बच्चे का कान पकड़कर खींचना शुरू कर दिया। इससे ग्रामीण और भड़क गए। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए हैं। उनका आक्रोश बढ़ गया है। अब उन्होंने दोनों टीचरों को वहां से हटाने की मांग कर दी है। उनका कहना है कि दोनों शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सरपंच प्रतिनिधि शोप सिंह ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद वह सुबह से मॉनिटरिंग कर रहे थे। इसके बाद भी दोनों शिक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। वह इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अफसरों से करेंगे। दोनों को ही हटाकर यहां नए शिक्षकों की तैनाती हो। मुंगेली जिले के लोरमी ब्लाक में भी करीब 8 दिन पहले ऐसा ही मामला सामने आया था। लाखासर गांव के सरपंच हलधर सिंह वर्मा को शिकायत मिली थी कि प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक कन्हैलाला पनागर अक्सर गायब रहते हैं। इस पर वह निरीक्षण के लिए पहुंचे। वहां दोपहर 3 बजे टीचर कन्हैयालाल शराब के नशे में स्कूल पहुंचे। उन्होंने रजिस्टर खोला और हाजिरी लगाई। सरपंच ने टोका तो धमकी दे डाली, कि किसी ने माई का दूध पिया हो तो वहां से ट्रांसफर करवा कर दिखाए। संकुल समन्वयक जगजीवन ठाकुर ने बताया कि दोनों शिक्षकों को लेकर पहले भी शिकायत मिली थी। इसके बाद अफसरों ने जांच के लिए भेजा था। ग्रामीणों का भी इसमें सहयोग मिल गया। अब दोनों नशेड़ी शिक्षकों की रिपोर्टिंग BEO को करेंगे। इसके बाद आगे तय होगा। उन्होंने परिजन को दोनों शिक्षकों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

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