छत्तीसगढ़

गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जानें कब होगी सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(Bhupesh Baghel) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शराब(liquor scam), कोयला(coal scam) और महादेव सट्टा ऐप(Mahadev betting app) घोटालों में अपना नाम सामने आने के बाद यह याचिका दाखिल की। याचिका में बघेल ने मांग की है कि उन्हें इन मामलों में गिरफ्तार न किया जाए और जांच में सहयोग करने का अवसर दिया जाए।

See also  200 टन मलबे की प्रोसेसिंग से निकले 5 बेशकीमती हीरे, CM साय ने कहा- प्रदेश के विकास को मिलेगा नया आयाम

भूपेश बघेल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि जिस तरह उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीतिक द्वेष के तहत की गई, उसी तरह उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई है कि केंद्रीय एजेंसियां राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई कर सकती हैं।

यह याचिका ऐसे समय पर दाखिल की गई है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने इन मामलों में जांच तेज कर दी है।

See also  कार्यक्रम से लौट रहे यात्रियों से भरा वाहन पलटा, 35 लोग घायल, कई लोगों को गंभीर चोटें आई

सूत्रों के अनुसार, बघेल ने कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे, लेकिन गिरफ्तारी से उन्हें राहत दी जाए। यह याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

इसी दिन भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। चैतन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि न तो उनका नाम ED की एफआईआर में है और न ही किसी के बयान में, इसके बावजूद राजनीतिक द्वेष के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई। वर्तमान में चैतन्य बघेल न्यायिक हिरासत में हैं।

See also  जांजगीर-चांपा : बड़ा खुलासा! किरायेदार सत्यापन में पकड़ा गया ISI स्लीपर सेल का संदिग्ध

Related Articles

Leave a Reply