छत्तीसगढ़

5 साल पहले फरार हुए मंत्रालय का बाबू रहे शातिर ठग को रायपुर से लेकर आई पुलिस

  • पूर्व में जशपुर जेल से फरार हो चुका है शातिर ठग
  • नौकरी का झांसा देकर कई जिलों में लोगों से की थी लाखों रुपए की ठगी

चिरमिरी/कोरिया : 5 साल पुराने चर्चित धोखाधड़ी के केस के मामले में आरोपी को कोरिया पुलिस रायपुर सेंट्रल जेल से लेकर आई है। ज्ञात हो कि नौकरी का झांसा देकर आरोपी ने कई जिलों में ठगी की है, ठग इतना शातिर है कि वह पहले जेल जाते समय पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था। पुलिस ने बताया कि कोरिया कॉलरी के पंचराम की रिपोर्ट पर चिरमिरी थाना में 26 सितंबर 2016 को केस दर्ज किया गया था। जिसमें बताया था कि आरोपी विष्णु गुप्ता ने अपने साथियों के साथ कई लोगों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रूपए की धोखाधड़ी की है, लेकिन आरोपी विष्णु गुप्ता के खिलाफ थाना पत्थलगांव जिला जशपुर, थाना कोटा जिला बिलासपुर व थाना धरसींवा जिला रायपुर में भी धोखाधड़ी से संबंधित अपराध पंजीबद्ध दर्ज होने के कारण आरोपी विष्णु गुप्ता को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर जिला जेल जशपुर में व उसके बाद सेंट्रल जेल रायपुर में निरुद्ध कर चुकी थी और जेल में बंद रहने के कारण चिरमिरी थाना पुलिस प्रकरण के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। जबकि प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपी विकास गुप्ता व रितेश सारथी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसपर मामले में एसपी कोरिया संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन पर पुलिस ने प्रकरण की विवेचना करते हुए साक्ष्य के आधार पर जेएमएफसी न्यायालय बैकुण्ठपुर से 6 साल पुराने प्रकरण में सक्रियता से प्रोडक्शन वारण्ट जारी कराया था। जिसके बाद प्रकरण के मुख्य आरोपी विष्णु गुप्ता उम्र 44 वर्ष निवासी मदनपुर इंजको थाना पत्थलगांव जिला जशपुर को सेंट्रल जेल रायपुर से प्रोडक्शन वारण्ट में लाकर न्यायालय बैकुण्ठपुर के समक्ष पेश किया गया। कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोरिया अमर जायसवाल, पूर्व चौकी प्रभारी राकेश शर्मा एवं स्टॉफ़ का योगदान रहा। मंत्रालय में बाबू था आरोपी : पुलिस ने बताया कि आरोपी मंत्रालय में बाबू था। आरोपी को बचाने के लिए कई राजनीतिक नेताओं के भी प्रयास थे, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। काफी प्रयास के बाद आरोपी को चौकी प्रभारी अमर जायसवाल के नेतृत्व में रायपुर जेल से लेकर आई और फिर जेल रायपुर दाखिला कराया गया है ।

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