छत्तीसगढ़

करील खाने का शौक पड़ा भारी: कांग्रेस नेता की गाड़ी वन विभाग ने की जब्त, 10 दिनों बाद भी चुप्पी साधे हैं अधिकारी

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में कांग्रेस नेता को करील खाने का शौक भारी पड़ गया। वे अपनी कार में बैठकर जंगल पहुंचे, लेकिन वन विभाग ने 30 किलो करील के साथ उनकी कार जब्त कर ली। लेकिन अचंभे की बात है कि, 10 दिन बाद भी वन विभाग के द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

दरसअल, राजनीति में लोग जहां जनता के बीच काम करने का शौक रखते हैं. लेकिन कसडोल क्षेत्र के एक कांग्रेस नेता को कुछ अलग ही शौक है और वो है जंगल में करील खाने का। नेता जी… अपने चमचमाती चार पहिया वाहन से अपने मित्र को साथ ले सीधा जंगल की सैर पर निकले थे, न किसी बैठक का बहाना, न किसी दौरे का। मकसद साफ था, करिल के स्वाद का आनंद। लेकिन यह स्वाद इतना महंगा पड़ा कि अब गाड़ी तक वन विभाग के कब्जे में चली गई।

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कार से 30 किलो करील बरामद
सूत्रों की मानें तो वन विभाग ने नेता जी की गाड़ी से करीब 30 किलो करील बरामद की है। यानी करील खाने का शौक नहीं, थोक में सप्लाई करने की तैयारी लगती है। इस घटना को दस दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन वन विभाग के अफसर अब तक मौन व्रत पर हैं। न कोई प्रेस नोट, न कोई सूचना। शायद करेल जांच कमेटी गठित होने का इंतजार हो।

पहले जंगल में करते थे बेधड़क आना- जाना
गांव के लोगों का कहना है कि पहले तो नेता जी का जंगल में आना-जाना ऐसे था जैसे उनका निजी फार्महाउस हो। लेकिन अब नए रेंजर और डीएफओ साहब के आने के बाद जंगल में भी लोकतंत्र आ गया है, जहां सबको नियमों का पालन करना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि नेता जी एक विधायक के करीबी हैं और शायद इसी करीबी के भरोसे जंगल में करिल कूटनीति चला रहे थे।

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